शाजापुर। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने शाजापुर विधानसभा से एक बार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुकुम सिंह कराड़ा को अपना प्रत्याशी बनाया।
कांग्रेस इससे पहले सन 1989 से लेकर अब तक कांग्रेस से हुकुम सिंह कराड़ा को अपना प्रत्याशी बनती आई है। वैसे तो शाजापुर विधानसभा कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है। एक बार फिर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी हुकुम सिंह कराड़ा को बनाया है। हुकुम सिंह कराड़ा गुर्जर समाज से आते हैं और जातिगत समीकरणों के लिहाज से कांग्रेस ने एक बार फिर हुकुम सिंह कराड़ा को अपना प्रत्याशी बनाया है।
गौरतलब है कि हुकुमसिंह कराड़ा ने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत सरपंच के चुनाव से की थी। वे कांग्रेस से 1980 से 1983 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। 1989 से वे कांग्रेस के दावेदार रहे हैं और अब तक वे सात बार विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं और पांच बार वे विधायक रहे हैं। केवल दो बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। कराड़ा तीन बार मंत्री पद पर भी रह चुके हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर हुकुम सिंह करडा को यहां से अपना आठवीं बार प्रत्याशी बनाया है।
कालापीपल विधायक कुणाल चौधरी को कांग्रेस ने बनाया प्रत्याशी। साल 2018 में पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। कुणाल चौधरी मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहने के साथ ही तेज तर्रार युवा नेता की छवि। कुणाल चौधरी को इस बार कांग्रेस ने दूसरा मौका दिया है।
कुणाल चौधरी कालापीपल विधानसभा से चुनाव लड़कर विधायक का चुनाव जीता था और हर आंदोलन व कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका में रहे हैं। इसके पूर्व कुणाल चौधरी ने युवक कांग्रेस में भी काफी काम किया। जहां वे युवक कांग्रेस के सचिव और फिर प्रदेश अध्यक्ष बने।
इसके बाद पार्टी ने इन्हें वर्ष 2018 में कालापीपल विधानसभा से टिकट दी थी जहां वे पाटी के भरोसे पर खरे उतरे और चुनाव जीता। इस बार भी कांग्रेस ने कुणाल चौधरी के ऊपर भरोसा जताया है और उन्हें प्रत्याशी बनाया।