रतलाम। शहर में रविवार रात से तेंदुए के मूवमेंट से रेलवे कॉलोनी और शिमला कॉलोनी क्षेत्र में दहशत का माहौल है। क्षेत्र के रह वासियों की पूरी रात तेंदुए के हमले के खौफ में बीती है । सुबह के वक्त तेंदुए का मूवमेंट सीसीटीवी कैमरा में भी कैद हुआ है ।वहीं, शिमला कॉलोनी और इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र में तेंदुए को रहवासियों ने देखा है। इसके बाद फॉरेस्ट विभाग की टीमें इन क्षेत्रों में सर्चिंग कर रही है। शिमला कॉलोनी के पीछे स्थित जंगल और जेवीएल मंदिर के आसपास वाले क्षेत्रों में ड्रोन उड़ा कर भी तेंदुए की लोकेशन पता लगाने के प्रयास किए गए हैं। फॉरेस्ट विभाग की ट्रेंकुलाइज एक्सपर्ट टीम भी उज्जैन और इंदौर से रतलाम पहुंच चुकी है।
यह बढ़ते शहरीकरण का ही नतीजा है कि अब जंगल के हिंसक जानवर शहरों में आमद दे रहे हैं। रतलाम में भी ऐसा ही कुछ नजारा देखा गया जहां शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके रेलवे कॉलोनी में तेंदुआ घुस आया। संभवत यह तेंदुआ सैलाना बजाना क्षेत्र से लगे जंगलों से भटक कर यहां पहुंच गया है।
करीब 1 वर्ष पूर्व भी शहर के जेएमडी मैरिज गार्डन के पास भी तेंदुए का मूवमेंट देखने को मिला था। वहीं, सैलाना के समीप भी कुछ महीने पहले वन विभाग की टीम ने एक तेंदुए को रेस्क्यू कर देवास के फॉरेस्ट में छोड़ा था। मौके पर पहुंचे डीएफओ ने रेलवे कॉलोनी क्षेत्र के रहवासियों को सावधानी बरतने और बच्चों को घर के बाहर नहीं निकलने देने के निर्देश दिए हैं। डीएफओ डी एस निगवाल ने बताया कि आमतौर पर शहरी क्षेत्र में घुस आने की वजह से तेंदुआ घबराया हुआ रहता है और ऐसी स्थिति में वह हमला भी कर सकता है। हालांकि उससे घबराने की जरूरत नहीं है। एकांत मिलने पर वह वापस शहर से बाहर जंगल के क्षेत्र में निकल सकता है।