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October 16, 2023, 2:54 pm
KHABAR : बूथ लेवल अवेयरनेस ग्रुप बनाएगा चुनाव आयोग, ईवीएम-वीवीपैट के हर मूवमेंट पर नजर रखेगा आयोग, 25 हजार वाहनों में लगेगा जीपीएस, पढे़ खबर 

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भोपाल। प्रदेश में 64123 मतदान केंद्रों में होने वाले मतदान के दौरान वोटर्स के वोट डालने के पहले और बाद में ईवीएम और वीवीपैट के हर मूवमेंट की जानकारी चुनाव आयोग रखेगा। इसके लिए आयोग ने तय किया है कि इन मशीनों के परिवहन वाले वाहनों को जीपीएस से लैस किया जाएगा।


इसी तारतम्य में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर 25 हजार वाहनों में जीपीएस लगाकर उसमें ईवीएम और वीवीपैट को लाने ले जाने का काम किया जाएगा। इसके बाद इन वाहनों की मोबाइल के साथ वेब एप्लीकेशन के माध्यम से मानीटरिंग की जा सकेगी। इसके लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने टेंडर बुलाकर प्राइवेट सेक्टर से दरें बुलाई हैं। यह टेंडर 20 अक्टूबर को खुलेंगे। बताया जाता है कि यह जीपीएस टेंडर एक साल तक प्रभावी रहेगा और लोकसभा चुनावों में भी इस व्यवस्था का उपयोग किया जाएगा।


मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विधानसभा निर्वाचन को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टरों को दिए निर्देश में कहा है कि जिलों में सभी रिटर्निंग अफसर एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को हर बूथ पर बूथ लेवल अवेयरनेस ग्रुप का गठन करना है । बूथ लेवल अवेयरनेस ग्रुप प्रत्येक बूथ में स्थापित किए जाएंगे, जिसके बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) सदस्य सचिव रहेंगे तथा बूथ स्तरीय सरकारी कर्मचारी, बूथ लेवल सहायक, बूथ क्षेत्र में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रमुख या प्रतिनिधि, एनएसएस, एनवाईके, स्वयंसेवी तथा स्थानीय सीएलओ, एनजीओ के सदस्य आदि प्रतिनिधि सदस्य होंगे। बूथ लेवल सहायकों से भिन्न सदस्य जो किसी राजनीतिक दल से संबद्ध हैं, ग्रुप में न हों। इसे ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए हैं।


इसके लिए जिलों में बनाए जाने वाले नोडल अधिकारियों के लिए जो जिम्मेदारी तय की गई है उसमें कहा गया है कि बूथ जागरुकता समूह को क्रियाशील करने तथा अपने पर्यवेक्षण में बैठकें आयोजित कर अधिकारियों‌‌ को मोबिलाइजेशन क्रियाकलापों में भाग लेनेे का काम कराया जाएगा। साथ ही बूथ जागरुकता समूह निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में सूचना का प्रचार प्रसार करनेे, निर्वाचन साक्षरता के विषय पर नुक्कड़ नाटक आयोजित करने तथा अन्य गतिविधियाँ संचालित करने के लिए निर्देशित किया गया है।


चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में ईवीएम का रेंडमाइजेशन सोमवार 16 अक्टूबर को किया गया है। प्रदेश के सभी बूथों में जाने वाली इन मशीनों का प्रथम रेंडमाइजेशन एक साथ सभी जिलों मे करने के निर्देश चुनाव आयोग द्वारा दिए गए हैं। इसके लिए कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के राजनीतिक दलों की मौजूदगी में फर्स्ट लेवल रेंडमाइजेशन की कार्यवाही पूरी कराएंगे।


सोमवार को कराई गई प्रथम रेंडमाईजेशन प्रक्रिया के बाद यह तय हो जायेगा कि जिलों में उपलब्ध ईवीएम एवं वीवीपैट मशीन में से किस किस क्रमांक की मशीन किस विधानसभा क्षेत्र के लिए जाएगी और किस क्रमांक की मशीन रिजर्व में रहेगी। रेंडमाइजेशन के बाद विधानसभा क्षेत्र के लिए आवंटित ईवीएम एवं वीवीपेट मशीनों को विधानसभा क्षेत्र के लिए तय स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। द्वितीय रेंडमाईजेशन में यह तय होगा कि विधानसभा क्षेत्र के लिए आवंटित ईवीएम एवं वीवीपैट मशीन में से किस क्रमांक की मशीन किस मतदान केन्द्र पर जाएगी रेंडमाईजेशन का कार्य ईवीएम ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाता है।

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