रतलाम। मेडिकल कॉलेज में इलाज मेंलापरवाही के आरोप लगे है। एक व्यक्ति का कहना है कि गर्भ में बच्चेकी मौत के बाद ध्यान नहीं दिया गया, जिससे उसकी पत्नी की तबीयत गंभीरहो गई। ड्यूटी डॉक्टरों पर कार्रवाई कीमांग को लेकर कलेक्टर को शिकायतभी दी है।
जूनी कलालसेरी निवासी जय कनोजा ने बताया कि वह लांड्री का काम करता है। पत्नी दीपिका 7 माह की गर्भवती थी। 17 नवंबर को रात 1 बजे सांस लेने में परेशानी होने के कारण एमसीएच ले गए। वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया। अगले दिन शाम को पत्नी को वेंटिलेटर लगा दिया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि सांस लेने में परेशानी हो रही है और स्थिति में सुधार नहीं है। रेफर करने की बात कही। प्राइवेट एम्बुलेंस से इंदौर के एमवाय अस्पताल ले गए। एमवाय में भर्ती करने से मना किया, तो एमटीएच इंदौर ले गए। यहां डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में शिशु की मौत होने के कारण पॉइजन फैला है। इससे तबीयत बिगड़ी।
कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार का कहना है कि अभी इस संबंध में शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। संभव है कि कार्यालय में दी होगी, शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।