चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश भानु कुमार के निर्देशानुसार चित्तौड़गढ महाराणा प्रताप विधि महाविधालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सावन श्रीमाली द्वारा उपस्थित विद्यार्थीयों को जन उपयोगी सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि विधिक सेवा का मूल उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को विधिक सहायता तथा सहज व सुलभ न्याय प्राप्त हो। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षु मजिस्ट्रेट सुश्री वर्षा सिंह ने उपस्थित विद्यार्थीयों को विधिक सेवा अधिनियम, लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत तथा विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षु मजिस्ट्रेट अनिल चॉवला ने विधिक सेवा अधिनियम के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण की संरचना तथा वर्गीकरण तथा उसके कार्यवाही के बारे में सरल भाषा में जानकारी प्रदान की। पेनल अधिवक्ता भारती गहलोत ने मध्यस्थता कार्यवाही, विधिक सेवा क्लिनिक, लोक अदालत कार्यवाही के बारे में जानकारी प्रदान की। अंत में मंचासीन अतिथिगण द्वारा विद्यार्थीयों के सवालों के बारे में विस्तार से समझाया। जिसे मुख्य अतिथिगण प्रशिक्षु मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह व अनिल चॉवला द्वारा न्यायिक सेवाओं की तैयारी कैसे करें इस बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। चीफ लिगल एड डिफेंस काउंसिल सावन श्रीमाली द्वारा विद्यार्थीयों को वकालत की महत्वता व सफल वकालत की निपूणता के बारे जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के शुभारम्भ में अतिथिगणों का स्वागत महाविद्यालय के मुख्य निदेशक जे एल पुरोहित तथा प्रोफेसर सुमित शर्मा व विद्यार्थीगणों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूजा राजोरा द्वारा किया गया।