खरगोन । कसरावद कॉलेज के स्टूडेंट रिजल्ट आने के बाद इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के चक्कर लगा रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि सप्लीमेंट्री आने पर जब उन्होंने दूसरी बार सप्लीमेंट्री की परीक्षा दी तो डबल वार्षिक सप्लीमेंट्री जैसा ही रिजल्ट वापस आ गया। इसके बाद जब वे प्राचार्य ठाकुर सर के पास पहुंचे तो उन्होंने इंदौर जाकर यूनिवर्सिटी को अवगत कराने की बात कही। इस पर हम इंदौर पहुंचे। जहां यूनिर्वसिटी द्वारा बताया गया कि यहां से जो नंबर मिलने थे वह तो मिल गए हैं। तुम्हारे प्रोजेक्ट सीसी के नंबर जो मिलने थे वह तुम्हारे कॉलेज से नहीं दिए गए हैं। यूनिवर्सिटी द्वारा यह भी कहा गया कि आगे भी तुम सप्लीमेंट्री की एग्जाम दोगे तो भी तुम पास नहीं हो पाओगे।
इस पर जब बच्चों ने कसरावद शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य ठाकुर सर से बात की तो प्राचार्य ठाकुर ने बच्चों को कहा कि तुमने हमारे ऊपर यूनिवर्सिटी जाने का एहसान नहीं किया है। प्राचार्य ठाकुर ने बच्चों को यह भी कहा कि युनिवर्सिटी जाकर मेरा नाम मत बताना। बच्चों द्वारा यह भी कहा गया है कि सभी कॉलेजों के प्राचार्य एवं टीचर बच्चों के साथ गए थे। अगर प्राचार्य ही ऐसी बच्चों को शिक्षा देगा तो कॉलेज के बच्चे किस तरह से आगे पढ़ने में सफल होंगे। बच्चों द्वारा शिकायत करने पर प्राचार्य द्वारा बच्चों को धमकाया जाता है। गरीब परिवार के बच्चे परेशान हो रहे हैं। फीस के लिए बच्चों को मेहनत मजदूरी करनी पड़ती है।