उज्जैन। जिले के महिदपुर में मां के दरबार में सभी के दुख दर्द कटते हैं। यहां कई असाध्य बीमारियों का इलाज होता है, कई शराबियों ने यहां आकर नशे का त्याग किया है।
साध्वी ने बताया कि मैंने बचपन से ही भगवान शिव को अपना गुरु और आराध्य माना है। मुझे बचपन से ही शिव के भजन गाने का और ढोलक बजाने में इंटरेस्ट था। मैंने बचपन में यहां इस स्थान पर एक पत्थर रख दिया था और कहा था कि आने वाले समय में यहां मंदिर बनेगा और आज आपके सामने यह मंदिर है।
भक्त रूप कुंवर ने बताया कि मैं तो मां के आशीर्वाद से ही सभी काम करती हूं और मेरे सारे संकट भी मां के आशीर्वाद से ही कटे हैं। जो भी भक्त विश्वास रखेगा इसको अवश्य ही लाभ मिलेगा। एक अन्य भक्त उमेश ने कहा कि पहले शराब छुड़वाने के लिए मरीज को लाया था और अब मेरी भानेज को लाया हूं। भानेज को ऊपरी चक्कर अर्थात भूत प्रेत का चक्कर है। मुझे पूरा विश्वास है कि यहां पर मां के आशीर्वाद से मेरी भानेज अवश्य ही ठीक हो जाएगी।