डेस्क। दक्षिण के समुद्र से उठे बादल महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को पार करते हुए मध्य प्रदेश के आसमान में पहुंच चुके हैं। शनिवार रविवार की दरमियानी रात से मध्य प्रदेश में तेज आदि बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई है। जबलपुर और उमरिया में रविवार सुबह बारिश हुई। जबलपुर में बरगी तहसील के सोहड़ गांव में 2 मिनट तक ओले भी गिरे। सिवनी और मंडला में 4 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। यहां फसलों को काफी नुकसान हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्राथमिक जानकारी में बताया है कि पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, बेमौसम उठे यह बादल महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को पार करते हुए झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल तक जाएंगे। फिलहाल किसी भी विशेषज्ञ और वैज्ञानिक ने पूरे मध्य प्रदेश में बारिश अथवा ओलावृष्टि की संभावना जाहिर नहीं की है परंतु यह बादल बिन मौसम के अचानक उठकर आए हैं इसलिए इनके बारे में कोई सटीक पूर्वानुमान जारी नहीं किया जा सकता।
मौसम विभाग का कहना है कि मध्य प्रदेश में कई इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से आंधी चल सकती है। यदि ऐसा हुआ तो बादल अपना रास्ता भी बदल सकते हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत मौसम केंद्र भोपाल ने रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, विदिशा, राजगढ़, अशोकनगर, दतिया, मऊगंज, उमरिया, पन्ना और बैतूल जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है। जबलपुर-नर्मदापुरम संभाग के जिलों में 30 से 40 किलोमीटर/घंटे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। 14 फरवरी से फिर तेज ठंड का दौर शुरू होगा। रात का टेम्प्रेचर 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।