खरगोन। जिस हुनर के लिए एक दौर में सराहना मिलती थी, उसी हुनर के चलते आज समाज से पिछड़े सिकलीगर समाज को मुख्यधारा से जोडऩे की पहल तेज होने लगी है। ऐसा ही एक प्रयास रविवार को खालसा सिख सिकलीगर प्रांतीय सम्मेलन में भी देखा गया, जिसमें सामाजिक संगठन, समाज और पुलिस प्रशासन एक मंच पर आया।
कृषि उपज मंडी में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता अखिल भारतीय घुमंतु कार्य प्रमुख दुर्गादासजी ने अवैध हथियार निर्माण सहित तस्करी में लिप्त युवाओं को सीख देते हुए कहा कि यह वह किचड़ है जिसमें आप एक बार फंसते हो तो निकलना आसान नही होता। इससे केवल अपनी खुद की दृढ़ इच्छाशक्ति से ही बाहर निकला जा सकता है। दूसरे केवल प्रयास कर सकते है। सम्मेलन में सिकलीगर समाज को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य से जोडऩे के लिए प्रयासों पर चिंतन किया गया। सम्मेलन के दौरान जो बोले सो निहाल, सत् श्री अकाल, वाहे गुरु का खालसा, वाहे गुरु दी फतेह का जयघोष गूंजायमान होता रहा। एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा आज का यह कार्यक्रम भी परिवर्तनकारी और सकारात्मक पहल है। यह अवैध काम छोडऩा अब आपकी पसंद नही बल्कि जरुरी हो गया है। शासन. प्रशासन की पहल से पहले आपको को खुद इससे बाहर आना होगा। सम्मेलन को मीसाबंदी जर्मन सिंह, सतनाम जुनेजा ने भी संबोधित किया। एकल गीत गोविंद खेड़े ने प्रस्तुत किया। सम्मेलन के दौरान सिकलीगर समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष मगन सिंह भाटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र टकराना, आरएसएस जिला संघ चालक डॉ. अजय जैन मंचासीन थे।