नीमच। वसंत पंचमी का दिन सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक महत्व रखता है। इस दिन हम ज्ञान, कला, और विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करके सद्बुद्वि हेतु आशीर्वाद प्राप्त करते है। इस दिन से प्रकृति के नवीनीकरण की शुरूआत होती है, जो हमारे जीवन में नवीन ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।
उक्त उद्गार नीमच नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चौपड़ा ने श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या महाविद्यालय, नीमच में त्रिदिवसीय वसंतोत्सव के शुभारम्भ अवसर पर माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करने के बाद छात्राओं को मंगलकामनाऐं देते हुए अपने उद्बोधन में कही।
वसंतोत्सव के प्रथम दिन महाविद्यालय में सभी अतिथियों- नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चौपड़ा, महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विजय बाफना, समाजसेवी हेमन्त हरित, रानी राणा, केप्टन आर सी बोरीवाल, महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ एन के डबकरा एवं सम्पूर्ण महाविद्यालय स्टाॅफ ने बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं के साथ माँ सरस्वती की प्रतिमा को माल्यापर्ण तथा पूजा अर्चना के साथ वसंतोत्सव का शुभारम्भ किया। संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा वसंत राग पर आधारित सरस्वती वंदना की प्रस्तुति के पश्चात प्राचार्य डाॅ एन के डबकरा ने अतिथियों का स्वागत मोतियों की मालाऐं पहनाकर किया गया तथा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में समाज सेवी हेमन्तजी हरित ने त्रिदिवसीय वसंतोत्सव की सफलता हेतु सम्पूर्ण महाविद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं दी। जनगभागीदारी अध्यक्ष विजय बाफना ने वसंत ऋतु का महत्व बताते हुए कहा कि वसंत पंचमी हमें सिर्फ बाहरी रंग ही नहीं दिखाती बल्कि मन के भीतर भी एक नई शुरूआत की प्रेरणा देती है। प्रो पी सी रांका ने वसंतोत्सव से प्रेरणा लेने के संबंध में कुछ मुक्तक प्रस्तुत किये। त्रिदिवसीय वसंतोत्सव के प्रथम दिन सम्पूर्ण महाविद्यालय स्टाॅफ एवं छात्राऐं प्रकृति को सम्मान देने एवं माँ सरस्वती की पूजा अर्चना हेतु पीले वस्त्रों में एक अद्भुत छटा बिखेर रहे थे। शुभारम्भ कार्यक्रम के पश्चात सभी उपस्थित जनों को प्रसाद के रूप में पीले रंग का मिष्ठान एवं नमकीन का वितरण किया गया। इसके बाद विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन नवीन खेल मैदान पर शुरू हुआ। समारोह का संचालन डाॅ पी सी रांका द्वारा किया गया एवं आभार जनभागीदारी अध्यक्ष विजय बाफना ने माना।
वसंतोत्सव के द्वितीय दिवस 15 फरवरी को प्रातः 11 बजे से महाविद्यालय में छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाऐगा तथा तीसरे दिवस 16 फरवरी को प्रातः 11 बजे से महाविद्यालय परिसर में छात्राओं द्वारा ही वसंत मेले का भव्य आयोजन होगा।