चित्तौड़गढ़। आज के दौर में प्रतिभा चाहे ग्रामीण हो या शहरी इसे तराशने का कार्य शिक्षक ही करता है और यदि प्रतिभा ग्रामीण हो तो शिक्षको की भूमिका और बढ़ जाती है, क्योंकि ग्रामीण परिवेश में इतने संसाधन ग्रामीण स्तर एवं विद्यालय स्तर पर उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। ऐसे समय में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बालकों को उनके लक्ष्य प्राप्ति तक ले जाता है।
उक्त विचार जिला प्रमुख भूपेन्द्र सिंह बडोली ने राउप्रावि ठुकरावा द्वारा आयोजित पंचम ब्लॉक स्तरीय प्रधानाध्यापक वाकपीठ के उद्घाटन अवसर पर अपने स्वयं के गाँव और स्वयं का उदाहरण देते हुए व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पूर्व उप जिला प्रमुख मिट्ठूलाल जाट ने सम्पूर्ण भारत एवं विश्व में शिक्षकों का उदाहरण दिया साथ ही विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए शिक्षकों की अहम भूमिका की अपेक्षा की। इस अवसर पर बतौर विशिष्ठ अतिथि सुधीर जैन ने भी विचार व्यक्त किये।
उद्घाटन सत्र में सभी अतिथियों का एसीबीईओ शम्भूलाल सोमानी, अध्यक्ष नारायण सिंह चुण्डावत, सचिव किशनलाल सालवी, आयोजक विद्यालय संस्था प्रधान रतनलाल सालवी, दिनेश सालवी, कोषाध्यक्ष रविन्द्र बैरवा, शिक्षक संघ के गोपाल स्वरूप त्रिपाठी, सुरेश खोईवाल, हंसराज सालवी, रवि मोहनपुरिया, दिलीप लखारा, लीलाराम धोबी, माधुलाल, हरिओम सिंह, सुरेंद्र सिंह राणावत, बगदुराम जटिया, गोपाल दशोरा, सत्य प्रकाश शर्मा, अनिता मेहता, चंदा तेली, लीला जाट, सीमा चौधरी, ममता मीणा, भोपाल सिंह राव, मंजु जाट, सुमित्रा यादव आदि ने स्वागत किया।
संस्था प्रधानों द्वारा प्रथम सत्र में आरकेएसएमबीके पर सत्यनारायण जोशी, सूर्य नमस्कार पर पारस टेलर, जगदीश खटीक, शिक्षा में नवाचार पर गणेश नारायण माली, प्रअ की भूमिका पर अरुण देव त्रिपाठी, उल्लास एप पर दिनेश चंद्र सालवी, सरकारी की विभिन्न योजनाएं विषय पर लीला जाट ने वार्ता दी। संचालन हंसराज सालवी, सुरेश खोईवाल ने किया।