भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के पहले चुनाव आयोग प्रदेश के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियो की चुनाव की बारीकियां सिखा रहा है। आचार संहिता लागू होने के बाद अपराधिक प्रकरण वाले उम्मीदवारों के नामिनेशन के साथ नामांकन पत्रों की गहन संवीक्षा को लेकर आयोग द्वारा तय की गई गाइडलाइन से इन अफसरों को अवगत कराया जा रहा है। इसके साथ ही वल्नरेबिल मैंपिंग और पिछले चुनाव के मुकाबल वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने को लेकर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर भी प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान हर जिले की परिस्थितियों के हिसाब से डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। चुनाव आयोग द्वारा पिछले माह 19 जनवरी से 29 जनवरी के बीच तीन चरण में लोकसभा चुनाव तैयारी की ट्रेनिंग जिला निर्वाचन अधिकारियों और कलेक्टरों को दी गई थी। इसलिए इस प्रशिक्षण में कलेक्टरों को नहीं बुलाया गया है। आयोग चूंकि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद अब कभी भी चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है, इसलिए चुनाव संबंधी सभी तैयारियों को पूरा करने में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय जुट गया है।
इन बिन्दुओं पर ट्रेनिंग दे रहे मास्टर ट्रेनर
जिलों से आए अधिकारियों को जिन बिंदुओं पर ट्रेनिंग दी जा रही है उसमें डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैजनेमेंट प्लान, ईटीपीबीएस (डाक मतपत्र), नाम निर्देशन पत्र संवीक्षा, नामिनेशन इन्क्लूडिंग इंस्ट्रक्शन आफ क्रिमिनल अटेंडेंट, आदर्श आचार संहिता, पोस्टल बैलेट, पेड न्यूज, एमसीएमसी (मीडिया मानिटरिंग), ईवीएम-वीवीपीएटी तथा स्वीप एक्टिविटी शामिल हैं। इसके लिए नेशनल मास्टर ट्रेनर व उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी प्रमोद कुमार शुक्ला, नेशनल मास्टर ट्रेनर डॉ. वाईपी सिंह, डॉ. पीएन सनेसर, डॉ. मनीष कुमार अग्रवाल, डॉ. पंकज सिंह सरोनिया, गजेंद्र उज्जैनकर, डॉ. विजय कुमार सुखवानी, महेश अग्रवाल, प्रवास जैन, डॉ. विजय कुमार वर्मा द्वारा प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है।
एक साथ साठ अफसरों को दे रहे ट्रेनिंग
प्रशासन अकादमी में चल रही ट्रेनिंग में एक साथ साठ अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है। इसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी शामिल हैं। प्रशिक्षण देने का यह कार्यक्रम एक मार्च तक लगातार चलेगा। कल से शुरू हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन भी पहुंचे थे। इस दौरान राजन ने कहा था कि हर चुनाव नया चुनाव होता है। इसलिए अधिकारी किसी भी तरह की लापरवाही न करें और चुनाव कार्य को गंभीरता से लें।