रतलाम। मातृ एवं शिशु चिकित्सालय तथा ग्रामीण क्षेत्रो के स्वास्थ्य केन्द्रों पर जी.डी.एम. जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिले की समस्त स्वास्थ्य संस्थानों में जेस्टेशनल डायबिटीज माईलाईटिस की निशुल्क जांच एवं प्रबंधन किया जाता है। गर्भावस्था के दौरान खून में शक्कर की मात्रा बढ़ जाती है, जिसे जीडीएम कहते हैं।जीडीएम के कारण गर्भावस्था के दौरान गर्भवती मां एवं गर्भस्थ शिशु को कई प्रकार के खतरे होने की आशंका रहती है जैसे शिशु के खून में शक्कर कम होना, गर्भपात हो जाना, आगामी भविष्य में मां एवं शिशु को शक्कर की बीमारी होने की संभावना रहती है।
एमसीएच अस्पताल रतलाम में कार्यरत जीडीएम की नोडल अधिकारी डॉक्टर सोनल ओहरी ने बताया कि एमसीएच अस्पताल में जीडीएम की जांच एवं प्रबंधन निशुल्क किया जा रहा है, इस संबंध में गर्भवती महिलाओं को जीडीएम एवं इसके बारे में जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम का आयोजन जफाईगो एवं वर्ल्ड डायबिटीज फेडरेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अवसर पर डॉ. वर्षा कुरील, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता शर्मा, डॉ. सुधा राजावत, डॉ. सुनीता गामड़, डॉ. प्रीति रायकवार, डॉ. सरिता खंडेलवाल, नर्सिंग ऑफिसर भावना एवं डिप्टी मीडिया अधिकारी सरला वर्मा आदि उपस्थित रहे।