बुरहानपुर। जिले में विश्व प्रसिध्द भूमिगत जल संरचना कुण्डी भंडारा स्थित है करीब चार सौ साल पहले मुगल शासकों के सूबेदार अब्दुल रहीम खानखाना ने बुरहानपुर में सूबेदार रहते हुए इस जलसंरचना को विकसित किया था इस भूमिगत जल संरचना से आज भी पानी का प्रवाह जारी है करीब 15 साल के प्रयास के बाद यूनेस्को ने अपने अस्थाई सूची में बुरहानपुर के कुण्डी भंडारा समेत 6 धरोहरों को शामिल किया है
जिसे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने ट्वीटर हैंडल पर यह जानकारी देकर बधाई दी है इधर बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस ने भी हर्ष व्यक्त किया है उन्होने कहा इस सूची मे शामिल होने के बाद यूनेस्कों की स्थाई सूची में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है अब देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ पानी पर शोध करने वाले देशी विदेशी शोधकर्ता भी इस स्थल का रूख करेंगे जिसके लिए शासन प्रशासन स्तर पर हमे काफी तैयारी करनी होगी।