नीमच। राष्ट्रीय खसरा दिवस पर कलेक्टर दिनेश जैन ने जिलेवासियों से अपील की है, कि बच्चें को खसरे का टीका अवश्य लगवाए। प्रतिवर्ष 16 मार्च को खसरा दिवस का आयोजन किया जाता है। शोध के अनुसार प्रति चोथे वर्ष खसरा एक माहमारी का रूप धारण करता है। इसी अनुमान के अनुसार वर्ष 2024 में खसरे के रोग के बढने की संभावना के चलते व्यापक प्रचार प्रसार एवं टीकाकरण अभियान का आयोजन किया जा रहा है। खसरा रोग अभी भी जानलेवा घातक एवं तेजी से फैलने वाला रोग है। इस रोग के तेजी से फैलने के कारण 16 मार्च से 1 सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें रैली, संगोष्ठी, आंगनवाडी केन्द्रों पर संकल्प जैसे कार्यक्रमों का आयेाजन किया जावेगा।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.बी.एल.सिसोदिया ने बताया, कि जिस प्रकार हमने टीकों के माध्यम से स्मालपाक्स, पोलियों, मातृ एंव शिशु टीटनेस बीमारी का अंत किया है। उसी प्रकार मीजल्स एवं रूबेला का भी अंत करेंगे। इसके लिये प्रत्येक 9 माह से 5 वर्ष के बच्चें को एम.आर. के 2 टीके देकर, उनको इस जानलेवा बिमारी से बचाऐंगे। डॉ.सिसोदिया के अनुसार यदि स्कूल या आंगनवाडी में किसी बच्चें को दानेदार बुखार है, तो बच्चें को निगरानी मे रखे तथा इसकी सूचना संबन्धित ए.एन.एन. को अवश्य करे।
कलेक्टर दिनेश जैन ने इस अवसर जिले के समस्त परिजनों को अपने नैनिहालों को से 9 से 12 माह में एम.आर. प्रथम टीका एवं 16 से 24 माह में दूसरा टीका अवश्य लगवाने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एसएस बघेल ने बताया, कि खसरा दिवस के अवसर पर आशा कार्यकर्ता के माध्यम से रैली का आयोजन किया जावेगा, गावं मे नारे, लेखन के माध्यम से सोशल एवं इलेक्ट्रालिक मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से लोगो को जागरूक किया जावेगा तथा लोगों में जागृति लाई जावेगी।