भोपाल। प्रदेश के जिन जिलों में पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कम वोटिंग हुई है वहां अधिकतम वोटिंग के लिए चुनाव आयोग ने मतदाता जागरूकता वाहन चलाने का फैसला किया है। ये वाहन एक माह तक इन जिलों के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने का काम करेंगे और स्वच्छ निर्वाचन के लिए जागरूक करने का काम करेंगे।
जिलों में यह वाहन कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारियों के बताए क्षेत्रों में भी घूमेंगे और जहां वोटिंग को लेकर रुझान कम देखने को मिला है वहां अधिकतम जागरूकता कार्यक्रम करेंगे। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद आज इन वाहनों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कम मतदान वाली जगहों पर जाएंगे
वाहनों को रवाना करने के बाद सीईओ राजन ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जिन 75 विधानसभा क्षेत्रों में कम वोटिंग हुई थी, वहां 75 वाहनों के माध्यम से जागरूक करने का काम किया जाएगा। कलेक्टर इसका रूट चार्ट बनाएंगे। इसमें मास्टर ट्रेनर्स, स्थानीय जनों को भी शामिल किया जाएगा। इन वाहनों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाकर वहां फिल्में दिखाने और अन्य तरह से जागरूक करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा आडियो क्लिप्स के माधयम से भी वाहन लोगों तक पहुंचकर जागरूक करने का काम करेंगे
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इस बार चुनाव आयोग ने प्रदेश के 26 जिलों में जागरूकता वाहन चलाने का फैसला किया है। इन 26 जिलों के 75 विधानसभा क्षेत्रों में पिछले चुनाव के दौरान कम वोटिंग हुई है। इसलिए 20 मार्च से 20 अप्रैल तक जागरूकता वाहन चलाकर लोगों को वोटिंग के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिन जिलों में मतदाता जागरूकता वाहन भेजे जा रहे हैं ऐसे जिलों में मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, गुना, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, सीधी, रीवा, सिंगरौली, शहडोल, कटनी, जबलपुर, भोपाल, देवास, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन और रतलाम शामिल हैं।