नीमच। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने अफीम किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। इस सूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि अब सीपीएस पद्धति वाले किसानों को डोडे तोड़ने के लिए अधिकारियों के निरीक्षण का इंतजार नहीं करना होगा। अफीम काश्तकार खुद ही मुखिया की मौजूदगी में भी अपने-अपने खेतों से डोडे तोड़ सकते हैं।
केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान फसल वर्ष 2023-24 में अफीम एवं सीपीएस के तौल को शीघ्र प्रारंभ करने के उद्देश्य से फसल हकवाने की प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए सीपीएस हार्वेस्टिंग में शेष रह गए समस्त कृषकों को सूचित किया जाता है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाने वाली निरीक्षण की प्रक्रिया का इंतजार नहीं करते हुए फसल के पकने पर किसान स्वयं ही सीपीएस पद्धति के काश्त की प्रक्रिया के अनुसार डोडा मय डंठल के (08 इंच डोडे सहित डंठल की लम्बाई) को तोड़कर उसका वजन निर्धारित प्रारूप में इन्द्राज कर उसकी रिपोर्ट अपने गांव के मुखिया के माध्यम से अनिवार्य रूप से संबंधित जिला अफीम अधिकारी को भेज सकते हैं।