बैतूल। 22 मार्च विश्व जल दिवस पर आज बैतूल जिले के ग्राम जोगली की पहाड़ी पर विश्व जल दिवस अनूठे ढंग से मनाया गया । यहाँ गाँव के लोग अपने घर से गैंती- फावड़ा लेकर रैली के रूप में गाँव की पहाड़ी पर पहुंचे और वहां 2 घंटे जमकर श्रमदान कर जल संरचनाओं का निर्माण किया। इन खंतियों में वर्षाकाल में जल संग्रहित होकर धरती के पेट में जाएगा। श्रमदानियों ने यहां अभियान के तहत 6 फुट लंबी, दो फुट चौड़ी व दो फुट गहरी जल संरचनाओं का निर्माण किया ।
इस मौके पर गंगावतरण अभियान के संयोजक मोहन नागर ने कहा कि नदी पर बाँध बनाना जल प्रबंधन का अंतिम विकल्प है। वर्षा की बूंद जहां गिरे उसे वहीं धरती के पेट में उतारना जल प्रबंधन का प्रथम पाठ है।
गंगावतरण अभियान के माध्यम से यह कार्य अनेक प्रकार से जिले में हो रहा है । आज विश्व जल दिवस पर ग्रामीणों द्वारा श्रमदान से जल संरचनाओं का निर्माण दुनियाँ को एक सकारात्मक संदेश है कि हम अपने गांव की जल समस्या को हल करने के लिए शासन के साथ हैं ।
श्रमदान के इस आयोजन में नागोराव सिरसाम, राजेश भदोरिया, बाजीराम यादव, विकास विश्वास, संजू कवड़े अनिल उइके, जमदूसिंग अहाके, दिनेश यादव, मंगलू परते रामलाल परते, कृष्ण प्रसाद काजले, सुनील अहाके जनपद पंचायत सदस्य, मिल्लू सलामे (सरपंच) पवन ठाकुर उप सरपंच, मनीराम धुर्वे , तुलसीराम गाडगे, कृष्णकुमार, पुष्पा वटके,पूनम अहके, दीपिका यादव, सुखदेव यादव,जयपाल यादव प्रियंका पंदराम, राजकुमार लोखंडे, दुर्गेश कवडे, सतीश चौहान, राजू विश्वकर्मा, दल्लू जी उईके, पूजा राठौर, प्रिया राठौर, विनोद धुर्वे सहित विद्या भारती जनजाति शिक्षा के कार्यकर्ता आसपास के ग्रामों के श्रमदानियों ने सहभागिता की ।
बता दे की इस अभियान के संयोजक श्री नागर वर्षों से वर्षा जल संग्रहण को लेकर यह अभियान चला रहे है।जिसके परिणाम सोना घाटी पहाड़ी पर हरियाली के रूप में देखने को भी मिला है।