इंदौर। अतिक्रमण हटाने पहुंची निगम की टीम को कार्रवाई से पहले पूर्व मंत्री और महू विधायक उषा ठाकुर का सामना करना पड़ा। ठाकुर मौके पर पहुंचीं और अतिक्रमण की कार्रवाई को रोक दीं। घटना एरोड्रम थाना क्षेत्र के मारवाड़ी अग्रवाल कॉलोनी का है। नगर निगम की टीम शनिवार सुबह जैसे ही मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू की। रहवासियों ने ठाकुर को जानकारी दे दी। कॉलोनी उषा ठाकुर के रिश्तेदार की बताई जा रही है।
मौके पर मौजूद महिलाओं का कहना है कि दो बड़े नेताओं की लड़ाई में गरीबों का नुकसान हो रहा है। एक क्षेत्रीय रहवासी ने बीजेपी के क्षेत्रीय पार्षद आश्विन शुक्ल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आश्विन शुक्ल के द्वारा पांच लाख की डिमांड की जा रही है। नहीं देने पर इंदौर नगर निगम की टीम के द्वारा अतिक्रमण की कार्रवाई करवाई जा रही है। कार्रवाई में रोक लगाने के बाद यह बात भी सामने आ रही है कि उषा ठाकुर और मंत्री विजयवर्गीय की पिछले दिनों बंद कमरे में मीटिंग हुई थी। दोनों के बीच कुच बातों को लेकर असहमति थी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा- राजनीतिक रस्सी से बंधे निगम के हाथ पैर
चोकसे ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा यह घोषणा की गई थी कि अवैध कालोनी काटने वाले कॉलोनाइजर को रासुका में निरुद्ध किया जाएगा । मेरा कहना है यदि राज्य सरकार और जिला प्रशासन इस घोषणा के प्रति गंभीर है तो इस अवैध कॉलोनी को बचाने के लिए मैदान पकड़ने वाली पूर्व मंत्री और विधायक उषा ठाकुर को रासुका में विरुद्ध किया जाना चाहिए।
कॉलोनी को काटने वाले कॉलोनाइजर पर भी रासुका की कार्रवाई होना चाहिए। नगर निगम की टीम जिस तरह से मौके से वापस लौटी है वह बेहद शर्मनाक है। घटना की जिम्मेदारी इंदौर के जिम्मेदार महापौर पुष्यमित्र भार्गव को लेना चाहिए। भार्गव को शहर की जनता को बताना चाहिए की निगम ने यह कार्रवाई करने का फैसला क्यों लिया। फिर निगम की टीम को वापस क्यों लौटना पड़ा। पूरे घटनाक्रम से नगर निगम की छवि खराब हुई है। इस छवि को बिगड़ने के लिए महापौर भार्गव जिम्मेदार हैं।