झालावाड़। जिले के भवानी मंडी थाना क्षेत्र के गांव घटोद से मामला सामने आया है मामले मे जानलेवा हमला करने वाले अपराधी व संरक्षण देने वाले मेट्रो हॉस्पिटल संचालक डॉक्टर हमिद मंसूरी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक को भवानीमंडी थाने पर परिजनों द्वारा ज्ञापन सोपा गया। जिसमे बताया गया कि दिनांक 16.03.2024 को घायल युवक दशरथ सिंह पिता कालू सिंह कुआं खोदने की मजदूरी करता है। काम करने के दौरान दशरथ सिंह सो गया था। तभी लालपूरा निवासी प्रभुलाल पिता सरदार लाल ने अपने चार अन्य साथियों के साथ तलवार व छुर्रे से दशरथ सिंह के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गया। उसे झालावाड़ रेफर करने पर डॉक्टर ने तुरंत कोटा रेफर कर दिया जहां पर वह आज भी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है व आज भी बेहोशी की हालत में है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस वाले अस्पताल में आये व नामजद रिपोर्ट की थी लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस ने अभी तक जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। और ज्ञापन मे ये भी बताया गया की भवानी मंडी के मेट्रो हॉस्पिटल के मालिक डॉक्टर हमिद मंसूरी अपराधी को अपने यहां संरक्षण दिए हुए हैं। क्योंकि अपराधी डॉ मंसूरी के खेत पर काम करता है। इसीलिए डॉक्टर हमिद मंसूरी अपने रसूखदार हालात व व्यवहार के चलते अपराधी पर कार्यवाही नहीं होने दे रहा है। जिससे अपराधी के हौसले बुलंद है व गांव में आकर धमका रहा है। उपरोक्त दिये गए ज्ञापन के अनुसार पीड़ित युवक के भाई ने मांग कि, कि जानलेवा हमला करने वाले प्रभुलाल व साथ देने वाले चंद्रर सिंह उर्फ़ मदन सिंह जाति ओढ़ निवासी अमीनपुरा एवं अपराधी को संरक्षण देने वाले डॉक्टर मंसूरी को गिरफ्तार कर इन सबके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई कर गंभीर घायल का राजकीय खर्चे पर अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज कराया जाए व अन्य परिजनों की जान- मान की सुरक्षा उक्त सभी से करवाई जाए।
उसके बाद जब मामले डॉ हमीद मंसूरी से बात की गई तो डॉ मंसूरी ने बताया की मुझे मामले की जानकारी अब मिली है केवल मेरे खेत पर काम करता है इसलिए दशरथ सिंह के परिजनों ने मेरा गलत नाम ले रहें है मेरा इस मामले मे कोई लेना देना नहीं है।