उज्जैन। करोड़ो रुपए की आय वाले विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की भी देनदारी निकली है। जिसकी वसूली करने के लिए नगर निगम की टीम महाकाल मंदिर प्रशासनिक कार्यालय पहुंची। यहाँ आए तो पता चला कि सन 1997 से महाकाल मंदिर समिति ने कोई भी टैक्स जमा ही नहीं किया है। जो की बढ़कर करीब 80 लाख रुपए हो चूका है।
नगर निगम झोन क्रमांक तीन के सहायक संपत्ति अधिकारी कमलेश चावरे सहित चार लोगो की टीम बुधवार को महाकाल मंदिर के प्रशासनिक कार्यालय पहुंची यहाँ पर उन्होंने महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक प्रतिक द्विवेदी से बातचीत कर पिछले 27 साल के टैक्स के बारे में अवगत करवाया। निगम के अधिकारी कमलेश चावरे ने बताया कि टैक्स का स्व निर्धारण 1997 से हुआ है। जो की अपडेट नहीं हो पाया था दरअसल महाकाल मंदिर 1.9 हैक्टेयर में फैला हुआ है। इसमें से अभी कितना और बड़ा है कहां तक इनकी सीमा लग रही है। इसका निर्धारण भी करना शेष है।
हालांकि महाकाल मंदिर को धारा 136-ई के तहत संपत्ति कर में छूट मिली हुई है, लेकिन उपकर, शिक्षा उपकर,नगरीय विकास उपकर और सफाई कर अब तक जमा नहीं किया गया है। ये सभी 1997 से जमा नहीं किया गया है। आज हमने आकर पुरानी फाइल देखकर समझा है। इसमें करीब 80 लाख रुपए नगर निगम का टैक्स बन रहा है। जिसके लिए जल्द ही मंदिर समिति को पत्र भेजकर टैक्स भरने का आग्रह किया जाएगा।