रतलाम। राजीव गांधी सिविक सेंटर के 22 प्लाटों की रजिस्ट्री में अनियमितता के मामले में बुधवार को लोकायुक्त उज्जैन की टीम रतलाम आई। लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान के साथ टीम सदस्यों ने रतलान नगर निगम और रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंच दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। लोकायुक्त की टीम की आने की सूचना पर नगर निगम में हड़कंप मच गया।
बता दे कि रतलाम के बहुचर्चित राजीव गांधी सिविक सेंटर के 22 प्लाटों की रजिस्ट्री को लेकर अनियमितता की शिकायत हुई थी। तत्कालीन निगम कमिश्नर एपीएस गहरवाल ने मेयर इन काउंसिल से भी अनुमति नहीं ली और नहीं परिषद सम्मेलन में कोई प्रस्ताव पारित किया। बिना संज्ञान में लाए प्लाटों की रजिस्ट्रियां करवा दी। तब मामले की शिकायत तत्कालीन कलेक्टर भास्कार लाक्षाकार को हुई। उन्होंने जांच कर रिपोर्ट नगरीय प्रशासन मंत्रालय भोपाल को भेजी। इसके बाद कमिश्नर गहरवाल को निलंबितकर दिया था। इस पूरे मामले को नगर निगम के परिषद सम्मेलन में भाजपा पार्षदों ने प्रमुखता से उठाया था। रजिस्ट्री शुन्य करवाने का निर्णय भी परिषद द्वारा पारित किया। लेकिन पिछले दिनों रजिस्ट्री शुन्य करने के परिषद के प्रस्ताव पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया है।
सिविक सेंटर प्लाटों की रजिस्ट्री को लेकर EOW लोकायुक्त को भी शिकायत हुई थी। शिकायत के बाद बुधवार को लोकायुक्त टीम रतलाम पहुंची। नगर निगम व रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचकर जानकारी जुटाई। करीब एक घंटे तक टीम सदस्यों ने रुक आवश्यक दस्तावेज अपने साथ लेकर व अन्य जानकारियां जुटा कर टीम रवाना हुई।
डीएसपी लोकायुक्त सुनील तालान ने बताया कि राजीव गांधी सिविक सेंटर प्लाटों की रजिस्ट्री में अनियमितता की शिकायत हुई है। जांच के लिए रतलाम आए है। रजिस्ट्रार ऑफिस व नगर निगम कार्यालय से दस्तावेज लिए हैं।