चित्तौड़गढ़। राजस्थान दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा चित्तौड़गढ़ दुर्ग के विभिन्न स्मारकों पर लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां करवाई गई। इन प्रस्तुतियों हेतु स्थानीय लोक कलाकारों को प्राथमिकता दी गई।
कुम्भा महल पर देवरी से आए लक्ष्मी नारायण रावल एवं दल द्वारा राजस्थानी नृत्य एवं भवाई नृत्य की प्रस्तुति दी गई। विजय स्तंभ पर बारां जिले से आए कालबेलिया कलाकार एस बी गुजरावत एवं दल द्वारा प्रस्तुति दी गई। पद्मिनी महल में अंता, कोटा से आए कच्ची घोड़ी नृत्य कलाकार मथुरा लाल एवं दल द्वारा प्रस्तुति दी गई। सतबीस देवरी मंदिर पर नाथू लाल एवं दल द्वारा राजस्थानी लोक गीत एवं नृत्य के माध्यम से मतदाता जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किया एवं स्वीप गतिविधियां की गई।
फतेह प्रकाश महल संग्रहालय पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां बहुरूपिया कलाकार छगन लाल एवं दल, लंगा कलाकार दुर्गा शंकर एवं दल, मनीष गुजरावत एवं दल द्वारा चकरी नृत्य, सत्यनारायण चोपदार एवं दल द्वारा कच्छी घोड़ी नृत्य की प्रस्तुतियां दी गई। इस अवसर पर राजस्थान राज्य स्काउट एवं गाइड द्वारा स्कूली विद्यार्थियों की चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। लोकसभा आम चूनाव के पर्यवेक्षक मुकेश राठौड़ एवं निलय बुनकर उपस्थित रहे। पर्यवेक्षकों द्वारा विजेता विद्यार्थियों को पारितोषिक वितरण किया। पर्यवेक्षकों द्वारा लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उनके साथ राजेश सुहालका, सचिव नगर विकास प्रन्यास, सुरेश चंद्र खटीक, राजस्व अपीलीय अधिकारी, महिपाल, तहसीलदार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों को मतदान अवश्य करने की शपथ दिलवाई गई।
सहायक निदेशक, पर्यटन विवेक जोशी ने बताया की पर्यटकों द्वारा राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया गया। पर्यटकों के लिए यह कार्यक्रम एक विशेष अनुभव वाला रहा। राजस्थान दिवस कार्यक्रम में राजस्थान राज्य स्काउट एवं गाइड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एवं पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का सहयोग रहा। पर्यटक सहायता बाल के यशवंत सिंह एवं सत्यनारायण, गजेंद्र सिंह, हरीश बारहट द्वारा कार्यक्रम संयोजन किया गया।