BREAKING NEWS
NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     BIG NEWS : साइबर ठगी मामले में कपासन पुलिस की बड़ी.. <<     NEWS : रोलाहेड़ा ग्रामीण सेवा शिविर का किया.. <<     NEWS : उद्यान, कृषि व आत्मा समितियों की संयुक्त.. <<     BIG NEWS : सीवरेज चैंबर बना मौत का कुंड, एक को बचाने.. <<     KHABAR : शासकीय छात्रावासों में प्रवेश के लिए.. <<     KHABAR : आखिरी सांस तक करूंगा धर्म रक्षा, दिग्विजय.. <<     KHABAR : महावीर इंटरनेशनल प्रियदर्शिनी ने.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय.. <<     BIG REPORT : समय-सीमा बैठक में कलेक्टर के सख्त.. <<     KHABAR : बेरोजगार युवाओं के लिए अवसर, जुलाई माह की.. <<     शहडोल में रिश्वत लेते पकड़ा गया डॉक्टर,.. <<     देवास में किन्नर बनकर लूट करने वाला गिरोह.. <<     करणी सेना परिवार ने एसपी यशपाल सिंह राजपूत को.. <<     खरगोन के आस्था ग्राम ट्रस्ट को बड़ी मदद,.. <<     BIG REPORT : एसपी ने जनसुनवाई में सुनी 51 फरियादियों.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
April 1, 2024, 3:46 pm
KHABAR : पौराणिक फिल्मों के अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का शुभारंभ, अफ्रीकी देश चाड के राजदूत ने कहा हमारे देश में भारतीय सिनेमा से हिन्दी सीखी जाती है, पढे़ खबर

Share On:-

उज्जैन। विक्रमोत्सव 2024 अंतर्गत आयोजित पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव (आईएफएफएएस) का शुभारंभ करते हुए अफ्रीकी देश चाड की राजदूत एच.ई. डिल्ला लुसिएन ने कहा कि सुदूर अफ्रीकी देश चाड में हिन्दी सिनेमा तथा उसका संगीत बहुत लोकप्रिय है। वहाँ के लोग हिन्दी सिनेमा से हिन्दी सीखते और बोलते है। सिनेमा संस्कृति ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। इस अवसर पर सूरीनाम के राजदूत एच.ई. अरूणकुमार हरदीन ने कहा कि सूरीनाम का भारत से ऐतिहासिक और भावनात्मक रिश्तो रहा है। दोनों ही देशों की संस्कृति और परंपराएँ बहुत ही समृद्ध और गौरवशाली रही है।


त्रिवेणी संग्रहालय के सभागार में सोमवार को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा विक्रमादित्य, उनके युग, भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र विक्रमोत्सव 2024 अंतर्गत आयोजित पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव (आईएफएफएएस) का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सूरीनाम की कमर्शियल अटैची सैंडियाकोएमारी मंगरे तथा चाड के फस्र्ट सेक्रेट्री जिमटोला कोडजिनन भी मौजूद थे। स्वागत भाषण देते हुए महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने कहा कि पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय समागम भारतवर्ष के युगयुगीन गौरव व फिल्म कृतियों के माध्यम से याद करने की एक कोशिश है। उन्होने कहा कि भारतवर्ष संभवत: दुनिया का अकेला राष्ट्र है जिसके समाज की, जीवन की, संस्कृति की, ज्ञान-विज्ञान की सबसे दीघज़् परंपरा रही है और जिसने दुनिया भर में अपनी सांस्कृतिक परंपराओं की छाप छोड़ी है और दुनिया के तमाम देशों की सांस्कृतिक-सामाजिक परंपराओं को अंगीकार किया है। कार्यक्रम में निदेशक तिवारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह, विक्रम पंचांग, भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा पर केन्द्रित पुस्तक 'आर्ष भारतÓ, विक्रम स्मृति ग्रंथ व पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।


पहले दिन इन देशी-विदेशी फिल्मों का प्रदर्शन हुआ
शुभारंभ के पश्चात पहले दिन करीब 12 फिल्मों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें भारतीय भाषाओं में 'राम राज्य (1943)Ó, 'बलराम श्रीकृष्ण (1978), 'कवि कालिदास (1959)Ó, 'हरिशचन्द्र तारामती (1963)Ó, 'सम्राट चन्द्रगुप्त (1958)Ó, 'आनंद मठ (1952)Ó व 'भट्टी विक्रमार्क (तेलगू) और विदेशी भाषाओं में 'सूरीनाम की 'विरेनÓ एवं इजराइल की 'ऑरचेस्ट्रा विथ द ब्रोकन इंट्रुमेंटÓ सहित अन्य फिल्में है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE