BREAKING NEWS
NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     BIG NEWS : साइबर ठगी मामले में कपासन पुलिस की बड़ी.. <<     NEWS : रोलाहेड़ा ग्रामीण सेवा शिविर का किया.. <<     NEWS : उद्यान, कृषि व आत्मा समितियों की संयुक्त.. <<     BIG NEWS : सीवरेज चैंबर बना मौत का कुंड, एक को बचाने.. <<     KHABAR : शासकीय छात्रावासों में प्रवेश के लिए.. <<     KHABAR : आखिरी सांस तक करूंगा धर्म रक्षा, दिग्विजय.. <<     KHABAR : महावीर इंटरनेशनल प्रियदर्शिनी ने.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय.. <<     BIG REPORT : समय-सीमा बैठक में कलेक्टर के सख्त.. <<     KHABAR : बेरोजगार युवाओं के लिए अवसर, जुलाई माह की.. <<     शहडोल में रिश्वत लेते पकड़ा गया डॉक्टर,.. <<     देवास में किन्नर बनकर लूट करने वाला गिरोह.. <<     करणी सेना परिवार ने एसपी यशपाल सिंह राजपूत को.. <<     खरगोन के आस्था ग्राम ट्रस्ट को बड़ी मदद,.. <<     BIG REPORT : एसपी ने जनसुनवाई में सुनी 51 फरियादियों.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
April 2, 2024, 11:32 am
BIG NEWS : अब अगर खेत में जलाई नरवाई तो होगी ये बड़ी कार्रवाई, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, भूमि में उपलब्ध जैव विविधता को बचाने की कोशिश, पढ़े खबर 

Share On:-

रतलाम। जिला कृषि विभाग द्वारा किसानों से कहा गया है कि खेतों में नरवाई नहीं जलाएं। इस संबंध में कलेक्टर राजेश बाथम द्वारा आदेश भी जारी किया गया है कि नरवाई जलाने पर कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग ने बताया है कि नरवाई जलाना खेत के लिए आत्मघाती होता है। आग लगने से भूमि में उपलब्ध जैव विविधता समाप्त हो जाती है, भूमि में उपस्थित सूक्ष्म जीव जलकर नष्ट हो जाते हैं। सूक्ष्म जीवों के नष्ट होने के फलस्वरुप जैविक खाद का निर्माण बंद हो जाता है। भूमि की ऊपरी परत में ही पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, आग लगने के कारण पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। भूमि कठोर हो जाती है जिसके कारण भूमि की जलधारण क्षमता कम हो जाती है और फसले सूख जाती है।

खेत की सीमा पर लगे पेड़, पौधे आदि जलकर नष्ट हो जाते हैं, पर्यावरण प्रदूषण होता है, वातावरण के तापमान में वृद्धि होती है इससे धरती गर्म हो जाती है। कार्बन से नाइट्रोजन व फास्फोरस का अनुपात कम हो जाता है तथा केंचुए नष्ट हो जाते हैं। इस कारण भूमि की उर्वरक क्षमता खत्म हो जाती है। अतः किसानों से कहा गया है कि नरवाई नहीं जलाए।ं खेतों में गेहूं की कटाई के बाद बची हुई नरवाई जलाने पर किसानों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान भी है।उपसंचालक कृषि नीलम सिंह चौहान ने बताया कि विगत में कुछ सालों से यह देखने में आया है कि गेहूं की 80 प्रतिशत कटाई कंबाइन हार्वेस्टर द्वारा की जा रही है। हार्वेस्टर से कटाई करने के बाद एक फीट ऊंची गेहूं के डंठल खेत में रह जाते हैं जिससे किसान खेत की सफाई के लिए आग लगाकर जला देते हैं। इसके स्थान पर किसानों को सलाह दी गई है कि गेहूं की डंठलों को रोटावेटर चलाकर बारीक कर सकते हैं। गहरी जुताई करके डंठलों को मिट्टी में मिलावे। जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए पानी है वे खेतों में स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी देकर 20 मिलीलीटर डी कंपोजर को 200 लीटर में मिलाकर एक एकड़ में छिड़काव कर सकते हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE