चित्तौड़गढ़। गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में आयोजित धर्म सभा में जिज्ञासुओं को सम्बोधित करते हुए शांतक्रांति संघ की विदुषी महासती शीलप्रभा ने कहा कि सबसे पहले हमें सम्यक ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए जिससे सही और गलत की समझ हमारे अन्दर विकसित हो सके। संसार के सभी विवादों का कारण अज्ञान है, जब तक ये दूर नहीं होगा, परिवार और समाज में समरसता का वातावरण नहीं बन पाएगा। अज्ञान के कारण आज भाई भाई का दुश्मन बन जाता है, पारिवारिक रिश्ते समाप्त होने की कगार पर पहुंच जाते हैं और असंतोष एवम् अविश्वास का माहौल बनने लगता है। हमें चाहिए कि भौतिक ज्ञान के साथ साथ भावी पीढ़ी को हम धार्मिक ज्ञान से जोड़ने के लिए उन्हें निर्ग्रंथ चारित्र आत्माओं के सानिध्य में ले जाकर जीवन विकास के मर्म को समझाने की कोशिश करें जिससे वो आध्यात्म की दिशा में कदम बढ़ा कर आत्म विकास के रास्ते पर भी आगे बढ़ सके। महासती ने आगे बताया कि कम खाना, गम खाना और नम जाने की योग्यता रखने वाला सदा स्वस्थ रह कर परिवार एवम् समाज के साथ हर्ष उल्लास के वातावरण में रहते हुए सबका प्रिय बन जाता है। इससे पूर्व महासति सत्यप्रभा ने बताया कि हमने मिथ्यात्व के अंधकार में सोते हुए अनंत काल बिता दिया है । अब हमें सम्यक ज्ञान के प्रकाश से इस अंधकार को दूर करने के लिए निरन्तर प्रयास करने चाहिए। धर्म सभा का संचालन संघ मंत्री इंद्रेश कोठारी ने किया।