चित्तौडगढ। न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड, भारत की एक प्रमुख निर्माण सामग्री कंपनी ने 30 जून को समाप्त तिमाही में बिक्री, आय और लाभ में बढ़ोतरी घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही के अनऑडिटेड विस्तृत वित्तीय नतीजों को जारी किया है। 25 एमएमटीपीए की संयुक्त स्थापित क्षमता के साथ, न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड भारत में पांचवां सबसे बड़ा सीमेंट समूह है और पूर्वी भारत में अग्रणी सीमेंट कंपनियों में से एक है। वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड सीमेंट बिक्री मात्रा 4.8 एमएमटी रही। इसी अवधि के दौरान ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड आय 2,636 करोड़ रुपये रही। पहली तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड एबिटिडा 348 करोड़ रुपये रहा। कंपनी पूरी तरह से प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं, जिनका ट्रेड वॉल्यूम में हिस्सा वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में 40 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
कंपनी के संपूर्ण प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए जयकुमार कृष्णास्वामी, प्रबंध निदेशक, न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड ने कहा कि “कंपनी ने कमजोर मांग वाली तिमाही को पार किया है, जिसमें चुनाव, मौसम संबंधी कारक और मूल्य निर्धारण पर निरंतर दबाव जैसी प्रमुख चुनौतियां थीं। इन चुनौतियों के बावजूद, मूल्यों को बेहतर बनाए रखना, लागत को न्यूनतम और नियंत्रण में रखना और ऑपरेशनल कुशलता जैसी रणनीतिक प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित रहा। कंपनी पिछली 11 तिमाहियों में सबसे कम मिक्स फ्यूल लागत 1.57 रुपये एमसीएएल पर पहुंच गई है। कंपनी की डिजिटल परिवर्तन यात्रा के अनुरूप एसएपी इंटीग्रेशन प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिससे हमें संगठन में प्रक्रियाओं को और भी बेहतर और सुव्यवस्थित करने में मदद मिली। इसके अतिरिक्त, ओडिशा और सोनाडीह में रेलवे साइडिंग प्रोजेक्ट्स पूरी होने के काफी एडवांस्ड फेज में हैं। इनके पूरा होने पर कंपनी की कार्यकुशलता और लाभ, दोनों में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने आगे कहा कि आगे की संभावनाओं को देखते हुए, मांग में सुधार का समय और गति बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम आगे बढ़ने पर निर्भर करेगी। निकट भविष्य में, मुख्य रूप से मांग-आपूर्ति असंतुलन और निरंतर मूल्य निर्धारण दबाव से कई तरह की मुश्किलें पैदा होंगी। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, कंपनी वैल्यू ऑप्टिमाइजेशन, प्रीमियमनाइजेशन, जियो-ऑप्टिमाइजेशन, ब्रांड को मजबूती से स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी, साथ ही लागत को भी नियंत्रण में रखने पर जोर देगी।