भोपाल। शंकराचार्य नगर स्थित पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका विमलश्री माताजी ससंघ चातुर्मास कर रही हैं। माताजी के सानिध्य में चल रहे 44 दिन के कल्याण मंदिर स्त्रोत विधान में गुरूवार को स्त्रोत के छंदों की व्याख्या की गई। इसमें आर्यिका माता ने बताया कि शास्त्रों के अध्ययन से ज्ञान बढ़ता है। बगैर ज्ञान के जीवन निरर्थक हो जाता है। इस मौके पर मांडना सजाकर भगवान श्रीजी को अर्ध्य चढ़ाए गए। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य कमल जैन, रीता जैन सक्षम जैन व संयम जैन को मिला। आर्यिका विमलश्री माता ने नमस्कार करने से लेकर ऊर्जा प्राप्त करने के आध्यात्मिक उपाय बताए।