भोपाल। बारिश में कोई भूत प्रेत का स्वांग रचे नजर आया तो कोई उज्जैन की डमरू टीम के साथ हर हर गंगे, हर हर भोले करते हुए भक्ति नृत्य कर रहा था। सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेषभूषा में भगवान शिव और पार्वती के भजन गाती हुई चल रही थीं। यह नजारा था करोंद स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर पीपल चौराहे से गुरुवार को निकाली गई शोभायात्रा का। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर में समाप्त हुई। शोभायात्रा के दौरान उज्जैन के दल ने डमरू बजाकर माहौल को शिवमय कर दिया।
करोंद व्यापारी संघ और मप्र सर्व बाह्मण समाज ने सावन माह में सात दिवसीय सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग बनाने का महोत्सव आयोजित किया था। समाज के प्रदेशाध्यक्ष पंडित गौरी शंकर शर्मा के नेतृत्व में 12 वर्षों से यह आयोजन हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार 40 हजार श्रद्धालुओं ने सात दिन में संकल्पित एक करोड़ 28 लाख 15 हजार 256 पार्थिव शिवलिंग का नियोग कर रुद्राभिषेक किया। जिसका समापन गुरूवार को किया गया। इस अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई, यात्रा ने करीब 2 किमी का रास्ता 4 घंटे में तय किया।
सर्वधर्म सद्भाव का दिया संदेश?
शोभायात्रा में भगवान शिव-पार्वती की आकृति का मुल्तानी मिट्टी से निर्माण कर झांकी सजाई गई। शोभायात्रा रवाना होने के पहले गुफा मंदिर के महंत रामप्रवेश दास, मरपटिया मंदिर के महंत कन्हैया दास, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, कैलाश मिश्रा ने पूजा आरती की। सर्वधर्म सद्भाव का संदेश देते हुए मुस्लिम समाज ने मंच बनाकर स्वागत किया। जाट समाज करोंद, विश्वकर्मा समाज, सेन समाज ने भी यात्रा का स्वागत किया।
अभिमंत्रित 11 हजार रुद्राक्ष बांटे
शोभायात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में हवन भंडारे के साथ प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान अभिमंत्रित किए गए 11 हजार रुद्राक्ष श्रद्धालुओं को वितरित किए गए।