गुना। जिले के फतेहगढ़ इलाके के विष्णुपुरा गांव में हुई घटना के विरोध में शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा गया है। कई साधु संतों सहित ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की। साथ ही पत्थरबाजी के आरोप में ग्रामीणों पर की गई एफ आई आर को भी निरस्त करने की मांग की गई।
मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम विष्णुपुरा (चकलोडा) निवासी महिला रामवती बाई एवं उसके पति दीपचंद के विरूद्ध उसी गांव के निवासी राजू खान फरीद खान, रफीक खान एवं उनकी दो पुत्रियों के द्वारा मारपीट की गई थी। जिसके संबंध में गांव के निवासी द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस थाना गये थे। जिस पर से पुलिस थाना फतेहगढ द्वारा गांव के 22 लोग नामजद एवं 300 अन्य अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जबकि वास्तविकता में उस गांव के निवासियों द्वारा पुलिस थाने में किसी प्रकार की कोई घटना, न्यूसेंस और तोड-फोड नहीं की गई थी। गांव वालों द्वारा शांतिपूर्वक न्याय की मांग की गई थी।
ज्ञापन में आगे कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उक्त घटना के संबंध में उत्पात मचाया गया था, जिसमें गांव वालों का कोई दखल नहीं था। उस पर से पुलिस थाना फतेहगढ द्वारा अपनी मनमर्जी से उक्त रिपोर्ट दर्ज की गई है। जबकि, रामवती बाई एवं उसके पति की मारपीट राज, फरीद खान, रफीक खान एवं उनकी दो पुत्रियों द्वारा की गई थी। उन लोगों द्वारा गांव पर वन विभाग की लगभग 200 बीघा जमीन पर कब्जा किया गया है। उक्त जमीन को आज दिनांक तक वन विभाग द्वारा न तो खाली कराया गया है, न ही उसके संबंध में किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की गई है। उन्होंने अवैध मकान बनाकर कब्जा किया गया है, जो शासकीय भूमि पर है। उक्त के संबंध में भी राजस्व विभाग द्वारा किसी प्रकार की आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि इस संबंध में विधिवत जांच की जाकर, अज्ञात लोगों एवं 22 नामजद लोगों के खिलाफ पुलिस थाना फतेहगढ़ द्वारा जो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है, उसके संबंध में निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही उस एफआईआर को निरस्त किया जाए।