सिंगोली। तहसील में अंबा पंचायत के गांव दौलतपुरा में शुक्रवार को भाजपा नेता बाबूलाल शर्मा की कृषि भूमि पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। इससे पूर्व उनके भतीजे दिलीप शर्मा के नाम हस्तांतरित शासकीय पट्टे को निरस्त कर दिया गया था। हालांकि मौके पर पहुंचे नेता जी ने भूमि से संबंधित उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश भी बताया लेकिन तहसीलदार ने आदेश में सर्वे नंबर न होने का हवाला देकर उसे मानने से इंकार कर दिया।
शुक्रवार देर शाम मिली जानकारी के अनुसार ग्राम दौलतपुरा में सर्वे क्रमांक 5/1/2 रकबा 2. 08 हेक्टेयर भूमि, जो साल 2014दृ15 में नारायण पिता रूपा बलाई के नाम दर्ज थी। नारायण को कोई संतान नहीं होने से वसीयत के आधार पर भूमि भाजपा नेता और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय दिग्गज माने जाने वाले बाबूलाल शर्मा के भतीजे दिलीप शर्मा के नाम नामांतरित हो गई थी। लेकिन बाद में कथित रूप से पार्टी के अंदरूनी एवं आपसी विवाद के चलते कुछ नेताओं के आंख की किरकिरी बने शर्मा परिवार को चुन चुन कर निशाना बनाएं जाने लगा। संभवतः यह उस विवाद की ही परिणीति हो सकती है, जब इस भूमि को शासकीय घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
शर्मा परिवार ने अपने बचाव में न्यायालय की शरण ली, और उन्हें स्थगन भी मिला, लेकिन इसका कोई फर्क नहीं पड़ा और शुक्रवार को शासकीय घोषित भूमि से नेता जी का कब्जा हटाने प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। ताबड़तोड़ शुरू हुई कार्रवाई के बीच स्वयं भाजपा नेता ने उपस्थित होकर न्यायालय का स्थगन आदेश बताया, लेकिन तहसीलदार राजेश सोनी ने आदेश में सर्वे नंबर न होने से उसे मानने से इनकार कर दिया। और पुलिस व्यवस्था के बीच प्रशासन के बुलडोजर ने कब्जे को जमीदोज कर दिया।