बड़वानी। कोविड काल के समय जब लोगों को शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग लंग्स संक्रमण की शिकायतें हो रही थी, तब आपदा के बीच पर्यावरण प्रेमियों और अधिकारी-कर्मचारियों सहित हजारों हाथों की मेहनत से शहर में पर्यावरण शुद्धता के दो ग्रीन लंग्स तैयार किए गए। चार-पांच वर्ष बाद आज वो बंजर पहाड़िया हरियाली से सजकर लंग्स की भांति पर्यावरणीय माहौल के बीच शहरवासियों को सुकून प्रदान कर रही है। वहीं दूसरा ग्रीन लंग्स आशाग्राम की पहाड़ी पर शिवकुंज के रुप में विकसित हुआ है।
हम बात कर रहे हैं कलेक्ट्रेट पहाड़ी के पीछे स्थित नए सर्किट हाउस की पहाड़ी की। कभी यह पहाड़ी बंजर होकर पत्थरीली थी। गर्मी के दिनों में यहां तापमान का असर सर्वाधिक महसूस होता था। कोविड काल के दौरान 2020 व 2021 में इस पहाड़ी पर पर्यावरण प्रेमियों की टीम और प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारियों ने लगन से मेहनत कर हजारों पौधों का रोपण किया। पौधों की सिंचाई के लिए ड्रीप व्यवस्था की गई। प्रतिदिन पर्यावरण प्रेमी पौधों की देखरेख करने लगे। उसकी बदौलत आज यह पहाड़ी हरियाली से सजकर शहरवासियों को शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करने वाले लंग्स में भूमिका अदा कर रही है।
रेवाकुंज हेप्पीनेस क्लब के शिक्षक चंद्रशेखर चटर्जी ने बताया कि 2019-20 में इस पहाड़ी पर 40 हजार पौधारोपण शुरू किया था। उसके बाद लगातार पौधारोपण करते रहे। इस वर्ष अब तक 5 हजार पौधे लगा चुके हैं। पौधों को जीवित रखने के लिए ड्रीप लाइन बिछाई गई। प्रतिदिन 20 से 25 सदस्य पहाड़ी पर पहुंचकर पौधों की देखरेख करते हैं। खरपतवार घास निकालने, निदाई-गुड़ाई सहित थाल निर्माण आदि काम करते हैं। तीन-चार वर्ष पूर्व रोपे पौधे अब युवा अवस्था में पहुंचकर लहलहाने लगे हैं।
बता दें कि रेवाकुंज पर हैप्पीनेस क्लब सदस्य व गणमान्य नागरिक वर्ष भर में जन्मदिन, शादी की साल गिरह, दिवंगतों की याद आदि अवसरों पर पौधारोपण करते हैं।
लॉकडाउन में सक्रिय रहे सेवक
रेवाकुंज के विकास में पूर्व कलेक्टर अमित तोमर, शिवराजसिंह वर्मा, सीएमओ केएस डोडवे, के साथ ही पूर्व तहसीलदार राजेश पाटीदार का नाम भी शामिल है। तत्कालित तहसीलदार पाटीदार ने लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों में ड्यूटी से समय निकालकर नियमित रुप से पौधों की देखरेख की गई।
भीषण गर्मी में पहाड़ी पर पहुंचकर ड्रीप लाइनों की देखरेख की। गर्मी के दौरान सेवकों ने यहां गड्ढे खोदकर वर्षाकाल में पौधारोपण किया। पहाड़ी पत्थरीली होने से बड़े पौधों का रोपण किया, ताकि जल्द पहाड़ी की गोद में लहलहा सके। सिंचाई के लिए तत्कालीन कलेक्टर अमित तोमर द्वारा ड्रीप लाइन की सौगात दिलवाई थी। साथ ही समीप सोनकुंज पहाड़ी पर भी पौधारोपण कर ड्रिप लाइन बिछाई।
शहर के लिए सौगात बना शिवकुंज
जिला मुख्यालय पर आशाग्राम परिसर में स्थित पहाड़ी को शिवकुंज के रुप में दूसरा ग्रीन लंग्स विकसित किया गया। कई एकड़ क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के हजारों पौधों का रोपण किया। तत्कालिन कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा, एसडीएम घनश्याम धनगर, पूर्व जनसंपर्क अधिकारी स्वदेश सिलावट सहित अधिकारी-कर्मचारी और नागरिकों के प्रयासों से यहां पौधारोपण कर उनकी सुरक्षा, सुंदरता व रमणीयता के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए। साथ ही कई निर्माण किए। कैंटीन की शुरुआत की। पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की। बच्चों के लिए पार्क, फ्लावर वेली, ओपन जिम, योगा मेडिटेशन जैसी सौगात दी। गोवर्धन पर्वत सहित श्रीराम प्रतिमा, आदि योगी शिव प्रतिमा का निर्माण कराया।