चित्तौड़गढ़। गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में जिज्ञासुओं को सम्बोधित करते हुए शांतक्रांति संघ की विदुषी महासती शीलप्रभा ने कहा कि इस दुनियां में किस्मत वाला वह नहीं है जिसके पास धन, वैभव, गाड़ी, बंगला, दूकान या नौकर चाकर है। इन सबके लिए तो झूंठ, फरेब आदि मायाजाल करने पड़ते हैं जो बाद में अनेकानेक चिंताओं का सबब बन जाते हैं और इंसान इनके चक्कर में उलझता जाता है जिसके कारण उसे ना दिन में चौन मिलता है ना रात में सुकून की नींद सो पाता है। ज्ञानियों के अनुसार जो व्यक्ति निन्दा में, प्रशंसा में, सुख में, दुःख में तथा लाभ में, हानि में धैर्य धारण करता है और बिना घबराए समभाव में रहता है ,वो चिंता रहित रहते हुए परम् सुख का अनुभव करता है इस कारण वो किस्मत का सबसे धनी व्यक्ति बन जाता है। इससे पूर्व महासती सत्यप्रभा ने बताया कि सांसारिक संबंधों को सफलता पूर्वक निभाने के लिए हमें सावधान रहते हुए दूसरों के अंदर कमियां नहीं देखनी चाहिए, ना ही कोई गलतफहमी रखनी चाहिए तथा आवेश एवम् आवेग को दूर रखते हुए अपने विचार दूसरों पर नहीं थोपने चाहिए और किसी के अधिकार को छीनने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए । यदि हम ऐसा करेगें तो सभी के साथ मधुर संबंध बनेंगे और वातावरण भी समरस बना रहेगा। संचालन मंत्री इंद्रेश कोठारी ने किया।