हटा (दमोह)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत दमोतीपुरा के गांव सूरजपुरा से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गांव को आजादी के 77 साल बाद भी सड़क मार्ग से नहीं जोड़ा गया है। जिसका खामियाजा के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है।
सड़क नहीं होने के चलते गांव तक नहीं पहुंच सकी एम्बुलेंस
आज मंगलवार सुबह गांव की बहू शीला पति भूला भील को प्रसव का दर्द हुआ तो तत्काल संस्थागत प्रसव वाहन सुविधा के लिए फोन किया गया। वाहन गांव से डेढ किलोमीटर दूर सड़क पर खड़ा हो गया। चालक ने बताया कि रास्ते में कीचड़ होने के कारण गांव तक वाहन आना संभव नहीं है। महिला के चार बच्चे पहले से है, पांचवी डिलेवरी है, वह भी हाई रिस्क में।
परिजन गांव वालों के सहयोग से उसे खटिया पर रखकर सडक पर खड़े वाहन तक लेकर आए। जहां एम्बूलेंस में सहायक ने परीक्षण किया और उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मडियादो ले जाया गया। डिलेवरी हाई रिक्स में होने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से सिविल अस्पताल हटा रेफर किया गया।
परिजनों ने दर्द किया बयां
इधर हटा में महिला का परीक्षण हुआ तो उसे खून की कमी बताते हुए जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया गया। पीड़िता के परिजन कुषाल भील ने बताया कि हमारा परिवार कई वर्षो से यहां रह रहा हैं। लेकिन गांव को आज तक सड़क मार्ग से नहीं जोड़ा गया है, जिसके कारण आए दिन इस प्रकार की समस्याएं आती रहती हैं।