चित्तौड़गढ़। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि साक्ष्य यह बताते है कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक विकास, एनीमिया, पोषण और ज्ञान सम्बन्धी विकास के साथ-साथ विद्यालय की उपस्थिति पर भी हानिकारक प्रभाव डालता है। निश्चित समयातंराल पर कृमि मुक्त (डिवर्मिग) करने से कृमि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है। सीएमएचओ ने बताया कि एलबेन्डाजोल की गोली पूर्णतया सुरक्षित है तथा इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यह गोली बच्चो द्वारा चबा कर पानी के साथ ली जानी है।
इस अभियान में जागरूकता लाने के लिए आशा सहयोगिनी घर-घर जाकर बच्चो के परिजनो को दवा खिलाने के लिये प्रेरित करेंगी। साथ ही शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग का भी सहयोग लिया जायेगा और लोगो में जागरूकता फैलायी जायेगी। इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एलबेन्डाजोल की गोली खिलाने के पूर्ण प्रबन्ध किये जा रहे हैं ताकि सभी बच्चों को कृमि से मुक्त किया जा सकें।
जिला स्तर से डॉ देवीलाल धाकड़ अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (प.क.) द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से राष्ट्रीय क्रमि मुक्ति दिवस का आयोजन दिनांक 10 अगस्त 2024 तथा 17 अगस्त 2024 को मॉप अप दिवस के सफल संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारियों का आमुखीकरण कर प्रशिक्षण दिया। स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के साझा प्रयासों से कार्यक्रम मनाया जायेगा एवं 17 अगस्त 2024 को मॉप अप राउंड आयोजित किया जावेगा जिसमे छूटे हुवे बच्चो को एलबेन्डाजोल की गोली खिलायी जायेगी। इसके तहत् जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों मे तथा शिक्षण संस्थाओ, तकनीकी संस्थाओं पर एक से उन्नीस वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर दृकिशोरियों को कृमि नाशक एलबेन्डाजोल की गोली खिलायी जायेगी।
वीसी मे स्वास्थय, शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग के जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।