शाजापुर में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने हाट मैदान स्थित सर्वाेत्तम सुयश क्लिनिक सेंटर पर अनियमितता मिलने पर उसे सील करने की कार्रवाई की। क्लिनिक को स्वास्थ्य विभाग से मरीजों को परामर्श देने की अनुमति मिली थी, लेकिन प्रशासन को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि यहां पर प्रसुताओं को भर्ती कर डिलीवरी की जा रही है।
जांच के दौरान यहां बेड लगे हुए मिले, मेडिसिन और बॉटल भी मिली जो प्रसुताओं को डिलीवरी के दौरान दी जाती है। टीम ने क्लिनिक पर रखी खुली दवाईया भी जब्त की। दवाइयों का क्लिनिक पर कोई रिकार्ड मौजूद नहीं था। मामले में जिला प्रशासन की टीम ने डॉक्टर से संपर्क साधा लेकिन अपने क्लीनिक पर आने को कहा लेकिन कार्रवाई के दौरान नहीं पहुंचे डॉक्टर संचालक, क्लीनिक महिला चिकित्सक डॉ स्मिता सिंह का है और वे शासकीय जिला अस्पताल में भी पदस्थ हैं। इन पर पहले भी कई मरीजों ने आरोप लगाया है कि वे जिला अस्पताल में प्रसुताओं की डिलीवरी न करते हुए अपने निजी क्लीनिक पर प्रसव करवाती है एवं मोटी रकम मरीजों से लेती है ।प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंचनामा बनाकर क्लीनिक को सील कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध क्लिनिकों संचालकों में भय का माहौल है।
जिला मुख्यालय पर कई मेडिकल स्टोर बिना प्रोपोर्टर के संचालित हो रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। मेडिकल स्टोर पर गर्भनिरोधक गोली और नींद की गोली बेचना प्रतिबंधित है, लेकिन फिर भी ये दवाइयां बेची जा रही हैंअधिकारियों को मेडिकल संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए और शहर में मेडिकल संचालकों के द्वारा चल रहे इस चक्रव्यूह को तोड़ने की आवश्यकता है।
इनका कहना है - राजकुमार हलधर डिप्टी कलेक्टर शाजापुर
लंबे समय से सर्वाेत्तम सुरेश क्लीनिक की शिकायत मिल रही थी कि नियम वृद्ध एवं अवैध तरीके से यहां प्रस्ताव की डिलीवरी करवाई जा रही है जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो कई पेशेंट लाईन लगाकर डॉक्टर स्मिता सिंह का इंतजार कर रहे थे , स्वास्थ्य विभाग से इनको सिर्फ परामर्श देने के लिए क्लीनिक की परमिशन दी गई है लेकिन यह यहां पर अवैध रूप से प्रसूताओं की डिलीवरी करवा रही थी, कई दवाइयों का भंडारण भी अवैध तरीके से रख रहे थे जो जिला प्रशासन की टीम ने दवाइयां जब्त की गई है। जिस पर हमने अस्पताल को सील किया है एवं कार्रवाई की है।