राजगढ़। हरियाली अमावस्या के साथ ही रविवार को प्रतिवर्ष क्षेत्र में दस दिवसीय दशामाता स्थापना उत्सव मनाया जाता है। माता की प्रतिमा स्थापित कर घर परिवार तथा संपूर्ण क्षेत्र में खुशाली की कामना की जाती है। इस वर्ष भी 4 अगस्त रविवार को दशा माता की स्थापना की गई। जाकर मां की अगवानी की गई। तथा पूर्ण विधि विधान से दशा माता को दस दिनों के लिए स्थापना कि, गई। जहां पर प्रतिदिन सुबह शाम आरती तथा भजन गीत संगीत का और धूमधाम से, नाच गाते,आयोजन किया जा रहा है।
महिलाएं दस दिनों तक उपवास रख दशा माता की पूजा अर्चना कर घर परिवार तथा संपूर्ण क्षेत्र में सुख शांति खुशाली तथा सभी आरोग्य रहे सभी की दशा सुधारने की कामना की। इन दस दिनों तक क्षेत्र में दशा माता की भक्ति की गंगा बहेगी। दस दिन बाद माता की पूजा आरती के बाद मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। पहले गुजरात में मनाया जाता था पर्व रू दशामाताका यह पर्व मुख्य रुप से गुजरात में मनाया जाता है। पिछले करीब एक दशक से राजगढ़ क्षेत्र में भी इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। कई जगहों पर गरबा का भी आयोजन होता है।