भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2500 किलोमीटर रोड बेसड़क हो गई। शहर में सड़कों पर गहरे और जानलेवा गड्ढे बन गए है। कुछ सड़कें तो पानी की तरह बह गईं। सड़कों से वाहन निकालना भी दूभर हो रहा है। गाड़ी चालकों के लिए यह सड़कें अब जानलेवा साबित हो रही है। लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश में सड़कों की स्थिति और उनकी मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रयासों पर जानकारी साझा करते हुए ईएनसी आरके मेहरा ने बताया कि प्रदेश में कुल 81,000 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क है। इसमें 9,315 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग, 12,568 किलोमीटर स्टेट हाईवे, 25,420 किलोमीटर मुख्य जिला मार्ग और 33,697 किलोमीटर ग्रामीण सड़के शामिल हैं।
भोपाल में 2500 किलोमीटर सड़कों की हालत खराब है। जिसमें 4000 किलोमीटर नगर निगम, 573 किलोमीटर पीडब्ल्यूडी, 150 किलोमीटर बीडीए की सडकें शामिल हैं। राजधानी में लोक निर्माण विभाग के अधीन कुल 573 किलोमीटर सड़के हैं, जिनमें से 400 किलोमीटर सड़के परफॉर्मेंस गारंटी के अंतर्गत आती हैं और 173 किलोमीटर सड़के साधारण मरम्मत के अंतर्गत आती हैं। बारिश से समय डामर की सतह क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिसकी मरम्मत की जा रही है।