मुरैना। जिला मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर हर फूल का पूरा गांव में जब बिस्तर की टीम पड़ताल के लिए पहुंची और ग्रामीणों से चर्चा की तो ग्रामीणों ने बताया कोरोना काल से आंगनबाड़ी का ताला नहीं खुला नहीं या कोई दवा और पोषण हर बांटने के लिए बच्चों को आता है भवन में बच्चों को पढ़ाने का सभी सामान मौजूद है खाना बनाने की बर्तन भी रखे हैं लेकिन तीन वर्ष से आंगनवाड़ी भवन का ताला नहीं खुला है नई ग्रामीण बच्चों को कोई पोषण आहार सहित सुविधा मिल रही है।
आंगनवाड़ी भवन के सामने ग्रामीणों ने पशुओं का चारा डालकर अतिक्रमण कर लिया है जब भवन में अंदर जाकर तस्वीर खींची तो भवन में गंदगी के अंबार लगे मिले वही दुर्गंध अंदर भवन से निकल रही थी क्या जिम्मेदार अधिकारी समय पर नहीं करते निरीक्षण क्या एक ऑफिस में बैठकर कागजों में ही हो जाता है निरीक्षण बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश और भारत सरकार विभिन्न योजनाएं चल रही है और बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं लेकिन यहां तो 3 वर्ष से आंगनबाड़ी भवन बंद पड़ा है फिर बच्चों को मिलने वाली सुविधा कौन हजम कर रहा है।