रतलाम। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर स्कूल भवनों में टपक रहे पानी से बच्चों को बैठने के लिए भी जगह नहीं बच रही है,वही कुछ स्कूल ऐसे हैं, जो बारिश के बाद टापू बन गए हैं, क्योंकि यहां पानी निकासी के लिए जगह ही नहीं बची है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से हुई रही बारिश के कारण एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय डोडियाना गांव में शिक्षा के मंदिर मैं तेज बारिश हो या हल्की बारिश से स्कूल परिसर में जल भराव की स्थिति निर्मित हो जाती है तो वही छात्र-छात्रा जिस क्लास में अध्ययन करते हैं उसी क्लास में पानी की छत टपकती है जिस कारण पढ़ाई भी नहीं हो पाती है इतना ही नहीं स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि जब बारिश होती है तो हमें स्कूल की छुट्टी रखनी पड़ती है जानकारी अनुसार इस स्कूल में करीब 85 छात्र छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं वही स्कूल आसपास हो रही बड़ी-बड़ी झाड़ियां के कारण बारिश में जहरीले जानवरो का डर भी बना रहता है, इसलिए कक्षाएं संचालित नहीं हो पाती हैं मजबूरी में शिक्षक जर्जर भवन में भी कक्षाएं संचालित करते हैं, गांव के सरपंच का कहना है कि इस विषय में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई इसी को लेकर कल बीआरसी से सहायक संचालक ज्योति पटेल ने भी स्कूल में पहुंचकर एवं हर क्लास में जाकर निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान पटेल ने बताया कि मैं इस विषय में अधिकारियों को अभी अवगत करवा देती हूं एवं जल्द से जल्द इस स्कूल के नए भवन बनाने की माग को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक आवेदन एवं निवेदन के माध्यम अपनी बात पहुंचाऊंगी इस मौके पर संकुल प्राचार्य भारतीय ळ.स्आर्य सर तथा सरपंच मौजूद रहे।