चित्तौड़गढ़। गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में धर्मानुरागियों से रूबरू होते हुए शांतक्रांति संघ की विदुषी महासती शीलप्रभा ने बताया कि जिस तरह से किसान अपने खेत में बोई गई फ़सल को सुरक्षित रूप से बड़ी करने के लिए खेत के चारों तरफ बाड़ लगाता है, उसी तरह से मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए ज्ञानियों ने मर्यादा का पालन करना ज़रूरी बताया है। परिवार में रहन सहन की मर्यादा, बड़ों और छोटों के सामने बोलने की मर्यादा, समाज में व्यवहार की मर्यादा,जीवन के हर क्षेत्र में मर्यादा होना जरूरी है। जिसके जीवन में मर्यादा होती है वो हर क्षेत्र में सफलता हांसिल करने वाला बनता है। इससे पूर्व महासती सत्यप्रभा ने बताया कि हमें अपनी हर सुबह की शुरुआत जय जिनेन्द्र बोल कर करनी चाहिए। जय जिनेन्द्र बोलने से अनंत सिद्ध भगवंतो एवम् अरिहंत प्रभु को नमस्कार होता है। हमें जब भी किसी से अभिवादन करना हो, जय जिनेन्द्र बोल कर करना चाहिए। नानू नवकार भवन में महासती राजश्री जी म सा की प्रेरणा से पचरंगी तपस्या हुई जिसमें प्रेमबाई डांगी, यामिनी बोहरा, कंचन भडकत्या, कला भड़कतीया, मीना सोनी, लता पोखरना, शशिकला कछारा, सुनीता नाहर, अनिल पामेचा, रोशन देवी सुराणा, लीला बाबेल, सीमा सिसोदिया, राजकुमारी सिसोदिया, पुष्पा रांका, सुरेश कच्छारा, सुशीला सरुपरिया, रंजना सुराणा, पारसमल सोनी, मूलचंद बाघमार, प्रेमबाई सरुपरिया, प्रदीप कुमार मट्ठा, मधु मट्ठा, मंजु कच्छारा, निर्मला बरलोटा एवम् सुशीला भड़कत्या ने भाग लिया। इन सभी की धर्म सभा में उपस्थित सभी जनों द्वारा खूब खूब अनुमोदना की गई। संचालन पारस मल सोनी ने किया।