सीहोर। कृषि विज्ञान केन्द्र और कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से इछावर और सीहोर विकासखंड के ग्राम हसनाबाद, हीरापुर, चन्देरी, इमलीखेडा, शिकारपुर में सोयाबीन फसल का नैदानिक दौरा किया। भ्रमण के दौरान फसल में तना मक्खी कीट, गर्डल बीटल, सेमी लूपर इल्ली और राइजोक्टोनिया झुलसा रोग का प्रकोप देखा गया है।
इन कीटों के प्रकोप के कारण फसल पीली पडकर सूख रही है तथा इल्ली के प्रकोप के कारण सोयाबीन फसल के फूल एवं कलिया प्रभावित हो रही है। इस कीट व रोग के त्वरित निदान के लिए कृषको को सलाह दी गई कि अनुशंसित कीटनाशक इमामेक्टिन बेन्जोएट प्रोफेनोफास 150 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8ः एसएल 50 मिली प्रति एकड़ या बीटासाइफ्लूथ्रिन इमिडाक्लोप्रिड 130 मिली प्रति एकड इमामेक्टिन बेन्जाएट 100 ग्राम प्रति एकड़ एवं रोग के निदान के लिए एजाक्सीस्ट्रोबिन टेब्यूकोनाजोल 200 मिली प्रति एकड़ या टेब्यूकोनाजोल सल्फर 400 ग्राम प्रति एकड की दर से 150 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करें। साथ ही सभी किसानों को सलाह दी गई है कि अपनी फसलो कि सतत निगरानी करे एवं किसी भी प्रकार की रोग व कीट के प्रकोप होने पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों व कृषि विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क करे।