गुना। पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों और मंदिरों में तोड़फोड़ के विरोध में सर्व समाज ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शहर के नागरिक शामिल हुए। रैली के बाद एक ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा गया।
बता दें कि दो दिन से रैली निकालने का आव्हान सर्व हिंदू समाज द्वारा किया गया था। शनिवार को सभी समाजों के लोग स्थानीय शास्त्री पार्क पर एकत्रित हुए। यहां से बरसते पानी में रैली निकाली गई। जुलूस लक्ष्मीगंज, सदर बाजार, सराफा बाजार, निचला बाजार, हाट रोड, हनुमान चौराहा होते हुए पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंचा। यहां ैक्ड को एक ज्ञापन सौंपा गया।
राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि बांग्लादेश में छात्रों के आन्दोलन के दौरान सुनियोजित तरीके से हिंसा फैलाई जा रही है और इसमें हिन्दूओं को निशाना बनाकर मंदिरों को नष्ट किए जा रहा हैं। हिन्दूओं को मारा जा रहा है और उनके घरों और दुकानों को लूटकर उनमें आगजनी की जा रही है। हिंदू माताओं बहनों के साथ अभद्रता कर उनका अपहरण कर उनकी हत्या की जा रही है। इन घटनाओं से सम्पूर्ण हिंदू समाज व्यथित है।
ज्ञापन के आगे कहा गया है कि समस्त हिंदू समाज बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का विरोध करता है। बांग्लादेश में हिंदुओं के घर, मकान, दुकान, ऑफिस, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, महिलाएं, बच्चे और उनकी आस्था व विश्वास के केंद्र मन्दिर तक सुरक्षित नहीं हैं। निरंतर अंतराल पर होने वाले ऐसे दंगों व जेहादी उत्पीडन का ही परिणाम है कि बांग्लादेश में हिंदू जनसंख्या विभाजन के समय 28ः थी, जो अब घटकर मात्र ৪ःसे भी कम रह गई है। मानवता के लिए भी यह स्थिति अत्यंत चिंतनीय है।
ज्ञापन के जरिए मांग की गौ है कि विश्व समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्यवाही करे। इस प्रकार की गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए निर्णायक और कठोर कदम उठाने के निर्देश केंद्र सरकार को निर्देश प्रदान करें। साथ ही बांग्लादेश में इस प्रकार के तत्वों को सरंक्षण देने वाले आंतरिक व विदेशी तत्वों पर भी कठोरता से प्रभावी कार्यवाही हो ऐसा केन्द्र सरकार से सुनिश्चित कराने का आग्रह करें।