बालाघाट। मैग्नीज ओर इंडिया लिमिटेड की भरवेली खदान में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया है। बीती रात में अंडर ग्राउंड में ड्रिलिंग का काम कर रहे दो मजदूरों की पत्थर गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मृतकों के परिजनों, जनप्रतिनिधि और श्रमिक संगठन के पदाधिकारी में जमकर आक्रोश देखा गया। जिला अस्पताल में घंटों तक गहमागहमी का माहौल रहा। परिजन 1 करोड़ रुपए के मुआवजा और अनुकंपा नियुक्ति की मांग पर अड़े रहे। शवों का पीएम करवाने से मना कर रहे थे। अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
अंडर ग्राउंड में ड्रिलिंग के दौरान हादसा
भरवेली मैग्नीज खदान में मारे गए मजदूर में बालाघाट वार्ड 24 झुग्गी झोपड़ी निवासी 45 वर्षीय मजहर बेग और दूसरा कटंगी भजियापार निवासी अखिलेश उइके है। 9-10 अगस्त की दरम्यानी रात में दोनों मजदूर अंडर ग्राउंड के 13 लेबल में ड्रिलिंग का काम कर रहे थे, तभी अचानक खदान में पत्थर की चट्टान गिरने से दोनों मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। काफी विवाद के बाद मॉयल प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 5, 5 लाख रुपए का मुआवजा सहित बीमा की राशि और नियमानुसार अन्य सहायता देने का आश्वासन दिया।
खदान प्रबंधन की लापरवाही
बता दें कि भरवेली मैंग्नीज खदान के अलावा बालाघाट जिले में उकवा और तिरोड़ी में मैंग्नीज खदान है। इसके अलावा मलाजखंड ताम्र परियोजना की खदान सहित दर्जनभर से अधिक प्राइवेट मैंग्नीज खदानें भी संचालित है जहां हजारों मजदूर कार्यरत है। आये दिन खदानों में सुरक्षा के अभाव या प्रबंधन की लापरवाही जैसे कई कारणों से मजदूरों की मौतें होती हैं, ऐसे में ठेकेदार के अधीन काम करने वाले मजदूरों के परिजन कई अधिकारों से वंचित रह जाते है।