भोपाल। नगर निगम भोपाल में सुपर वाइजर, दरोगा, वाहन चालक सहित ऐसे ही अन्य पदों के विरुद्ध काम कर रहे 16 हजार विनियमित और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को मूल पदनाम एवं नियमितीकरण की दरकार है। ये कर्मचारी जोन और वार्ड में पदस्थ अधिकारियों के बर्ताव से भी परेशान हैं। यही कारण है कि वे 15 अगस्त के बाद बेमुद्दत हड़ताल का ऐलान करने की तैयारी कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश शासकीय वाहन चालक-यांत्रिक कर्मचारी संघ की नगर निगम शाखा लगातार हड़ताल की तैयारी कर रही है। 14 अगस्त को जोन स्तर पर कर्मचारियों की बैठक का दौर समाप्त होगा और मांग एवं समस्याओं को लेकर ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जो नगर निगम के आयुक्त को सौंपकर समस्याओं का समाधान और मांगें पूरी करने को कहा जाएगा। संघ इसके लिए 15 दिन का समय भी दे सकता है। इसके बाद कामबंद हड़ताल शुरू होगी।
मैदानी अधिकारियों ने बढ़ाया गुस्सा
नियमित पदों के विरुद्ध वर्षों से काम कर रहे ये कर्मचारी पहले से ही नगर निगम प्रशासन से नाराज हैं। क्योंकि करीब चार साल से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, पर इससे भी अधिक नाराजगी मैदानी अधिकारियों के बर्ताव को लेकर है। जोन स्तर पर चल रही कर्मचारियों की बैठक में रोज यह बात सामने आ रही है। सबसे ज्यादा शिकायतें एएचओ को लेकर हैं। संघ के अध्यक्ष से शिकायत की जा रही है कि जोन क्रमांक-4, 6, 9 सहित अन्य एएचओ न सिर्फ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, बल्कि बात-बात पर नौकरी से निकालने की धमकी भी दे रहे हैं।
एक हजार किलो कचरा लाने की बाध्यता
बैठकों में कर्मचारियों ने बताया कि कचरा वाहन को कम डीजल दिया जा रहा है और उन पर तीन फेरे लगाने का प्रेशर बनाया जा रहा है। इन तीन फेरों में एक हजार किलो कचरा चाहिए। यदि कम कचरा आया, तो वाहन चालक को नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। अधिकारियों के बुरे बर्ताव और दबाव ने कर्मचारियों को आंदोलन और कामबंद हड़ताल के लिए मजबूर कर दिया है।