भोपाल। रबी के मौसम में खरीदे गए गेहूं को स्टॉक में रखने के बाद लगातार लापरवाही की शिकायतें आ रही हैं। वहीं अब रबी उपार्जन वर्ष 2024-25 का लगभग 100 गोदामों में भंडारित गेहूं कीटग्रस्त-अपग्रेडेबल होने का मामला सामने आया है। जिसके बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने नाराजगी जताई है। खाद्य मंत्री ने 3 दिन में दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट तलब की है।
प्रारंभिक तौर पर इसमें मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की जिम्मेदार अधिकारियों के लापरवाही सामने आई है। कुछ समय पहले भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों ने भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कई गोदाम में रखे गेहूं की क्वालिटी की जांच करवाई थी। जांच में सामने आया था कि गोदाम में भंडार किया गया गेहूं सुधार योग्य पाया गया है। कीटग्रसित अपग्रेडेबल गेहूं पाए जाने पर भारतीय खाद्य निगम ने उसे लेने से इनकार कर दिया।
खाद्य मंत्री मामले में दिखाई गंभीरता
खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मप्र वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के लापरवाह एवं गैर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदारी तय करने के लिये प्रमुख सचिव खाद्य को 3 दिन में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, जिससे दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सकें।