मनासा। लंबे समय से मनासा विधानसभा क्षेत्र में बाहर की निजी कंपनीयों द्वारा यह पर प्रोजेक्ट के नाम पर आदीवासीयो और किसानो की जमीने औने पौने दामो और धोखेबाजी से छिनने का काम हो रहा है। उन्हे न्याय नही मिलने के कारण वे बेरोजगार हो गए है। कंपनीयां सत्ता पक्ष और शासन प्रशासन के साथ मिलकर जमीने हडपने का काम कर रही है। आदीवासीयो और किसानो को न्याय दिलाने के लिए सडक पर उतरकर लडाई लड़ना पड़ रही है।
यह बात जिला प्रतिनिधी आर. सागर कछावा ने कही ।शासन प्रशाासन और निजी कंपनीयों द्वारा की जा रही ज्यादतियों के खिलाफ बोल रहे थे। कछावा ने कहा कि स्थानीय 11 मुद्दो को लेकर सर्व समाज 11 मांगो को लेकर एसडीएम पवन बारिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में जो प्रमुख मांगे है उनमें जिसमें प्रमुख रूप से भारी भरकम बिजली बिलो से मुक्ति ,बरसो से कृषि भुमि पर खेती करने वाले किसानो को बेदखल नही किया जाएं। प्रशासन द्वारा जिन किसानो को बीस सुत्रीय कार्यक्रम के तहतः पटटे निरस्त किए गए उन्हे बहाल करे। और जो निरस्त नही हुए है उन्हे भूमि स्वामी घोषित किया जाएं। क्षेत्र में निजी कंपनीयों द्वारा आदीवासी किसानो की जमीनो को नियम विरूद्व नही छिना जाएं। खिमला प्रोजेक्ट में आदीवासी किसानो की जमीन को कलेक्टर के नियम विपरित जमीन विक्रय के आदेश को निरस्त किया जाएं। खिमला ब्लाक में गावं ठान के सर्वे नंबर को निरस्त कर ग्रीन को दिया गया उसे निरस्त करने की कार्रवाई कर ग्रामीणो को दिया जाएं। मुख्यमंत्री के आदेश के है कि रजिस्ट्री के साथ नामांतरण होना चाहिए। लेकिन पटवारी आदेश के विपरित किसानो से नामांतरण बटवारे के नाम खुली लुट कर रहे है। जिसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएं। विधानसभा क्षेत्र में निजी कंपनीयो ने जिन किसान परिवारो की जमीने छिनी है उन परिवारो के सदस्यो को योग्यता के अनुसार स्थाई नौकरी दी जाएं। वही खिमला ब्लाक के किसानो की जमीने ग्रीन को कंपनी ने खरीदी है उन सभी जमीनो की रजिस्ट्री एक ही सर्विस प्रोवाइडर द्वारा की गई जिसकी जांच हल्के के पटवारी को हटाकर की जाएं। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधी ने कहा कि सर्व समाज के साथ मिलकर इन मुददो को परिणाम तक पहुचाने के लिए लडाई सडक पर आकर लडूगा। आदीवासी किसानो एंव आमजन के साथ हो रही ज्यादतियों को बर्दाश्त नही किया जाएंगा।धरना प्रदर्शन में जिला कार्यवाहक अध्यक्ष चंद्रशेखर पालीवाल,प्रदेश महामंत्री मंगेश संघाई,जिलापंचायत सदस्य मनीष पोरवाल,सहित सर्व समाज के प्रतिनिधि,किसानों सहित सकड़ो लोगो ने भाग लिया सभी ने कंपनियों, वा सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर कर रहे थे।