शाजापुर। डिलेवरी के नाम पर प्रसूता के परिजनों से आशा कार्यकर्ता द्वारा डॉक्टर के नाम पर 15 हजार रूपए रिश्वत की जांच।
- शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना के निर्देश पर ग्राम मूलीखेड़ा के निवासी भेरूलाल ने लिखित में शिकायत की थी कि उसकी बहू ममता की डिलेवरी के लिए जिला अस्पताल में आशा कार्यकर्ता ने 15 हजार रूपए मांगे गए थे। जिस की जांच करने पहुँचे अधिकारी ने बताया कि हमारे साथ आये गोविंद का कहना है इनकी वाइफ की डिलीवरी होना थी जिस को लेकर उन के गांव में रहने वही आशा कार्यकर्ता द्वारा 15000 की रिश्वत मांगी थी और यहाँ कहाँ गया था कि आसानी से डिलीवरी हो जाएगी और नही दिए गए तो बिगाड़ देंगे और इंदौर रेफर कर देंगे
हमारे द्वारा आशा कार्यकर्ता से बयान लेने पर पता चला कि कोई लक्ष्मी पवार करके सिस्टर है गवर्नमेंट हॉस्पिटल में काम करती है इनकी वाईफ का 9 महीना से चेकअप कर रही थी और अपने आप को डॉ बता रही थी,जो कि पूणतःइलीगल है नियम विरुद्ध है
इसलिए हमारे साथ आये मेडिकल ऑफिसर डॉ सुमित यादव है जो कि उनकी पूरी जांच कर रहे हैं जांच में पाया गया है कि मेडिकल स्टोर है उसके द्वारा एक पार्टीशन बनाकर रूम दिया गया है जो वैधानिक रूप से नियम विरुद्ध है अवैधानिक तरह से चलाया जा रहा है इसलिए इसे सील किया जा रहा है और मेडिकल की भी ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा जांच की जा रही है जांच में अगर वह भी किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई तो उसको भी सील किया जाएगा ।