चित्तौड़गढ़। बांग्लादेश में निवासरत अल्पसंख्यक एवं हिंदू समाज पर अमानवीय अत्याचार के विरोध स्वरूप संतों के नेतृत्व में सर्व हिंदू समाज द्वारा बुधवार को आधे दिन बन्द रखकर विशाल जनाक्रोश रैली, मौन जुलूस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद संतो ने जन समूह को संबोधित किया व जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
सर्व हिंदू समाज द्वारा बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध स्वरूप बुधवार को सुबह से ही जिला मुख्यालय पर शहर व उपनगरीय क्षेत्रों के सभी मार्बल व अन्य उद्योग, व्यापारिक प्रतिष्ठान, कई मेडिकल स्टोर व चाय पान की थड़ियाँ, गुमटी सहित बाजार बंद रहे, जो दोपहर एक बजे बाद खोले गए।
सुबह गोरा बादल स्टेडियम से मौन जुलूस प्रारंभ होकर गोल प्याऊ, सुभाष चौक, अप्सरा चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड होकर कलेक्ट्री चौराहे पहुंचा। विशाल जनाक्रोश रैली में बड़ी संख्या में महिला पुरुष हाथों में पोस्टर लिए चल रहे थे, कलेक्ट्री पर प्रदर्शन के बाद संतों ने जन समूह को संबोधित किया।
इस मौके पर संत अभय दास ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहा निर्ममता पूर्वक अत्याचार घृणित, निंदनीय और अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि विधर्मी ताकतों द्वारा देश में भी आए दिन इस प्रकार की घटनाएं हो रही है, इनको रोकने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाना चाहिए। संत ने भारतवासियों से राष्ट्र व धर्म की रक्षा करने के लिए संकल्पित होकर आगे आने को कहा।
तत्पश्चात संत अभय दास , विजयपुर संत वैष्णव दास, विनोद चंद्र यति व इस्कोन संत घनश्याम दास के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भारत सरकार से मांग की कि बांग्लादेश में निवासरत अल्पसंख्यक हिंदुओं की जान - माल की रक्षा व सुरक्षा के लिए हर संभव उचित कदम उठाने के लिए शीघ्र प्रबंध करें। सर्व हिंदू समाज द्वारा आयोजित इस वृहद स्तरीय बन्द, विशाल जनाक्रोश रैली ,मौन जुलूस प्रदर्शन में विभिन्न विभिन्न, उद्योग, व्यापारिक संगठनों, मेडिकल, ठेला गुमटी व्यवसाय व धार्मिक व सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों, महिलाओं सहित आम जन ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।