जबलपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या के मौके पर इस साल भी जबलपुरवासीयों ने विशाल तिरंगा यात्रा निकाली। जिलहरी घाट से लेकर तिलवाराघाट तक उफनाती नर्मदा नदी में करीब 10 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें कि बच्चे, बुजुर्ग सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। जबलपुर में 14 सालों से नर्मदा नदी में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, हालांकि इस यात्रा में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन और गोताखोरों की टीम भी नाव को साथ में लेकर चलती है। तैराकों ने तिरंगा यात्रा के जरिए अखंड भारत का भी संदेश दिया। जबलपुर के संजय यादव के साथ सैकड़ों तैराक हर साल तेज लहरों में तैरते हुए तिरंगा यात्रा निकाल रहे है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग भी आते है।
नर्मदा तिरंगा यात्रा के संयोजक संजय यादव ने बताया कि बीते 13 सालों से हर साल 14 अगस्त को नर्मदा की तेज लहरों के बीच तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, यह 14 वां साल है जब बच्चों से लेकर बुजुर्ग और महिलाएं के साथ यह नर्मदा तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जिसमें भारत की एकता और अखंडता का संदेश दिया जाता है। नर्मदा की खतरनाक लहरों से बेपरवाह होकर आजादी के जुनून में लोग इस यात्रा में शामिल हुए। बहुत से लोग ऐसे भी थे जो कि उफनाती नदी में तैरते हुए लोगों को देखकर डर रहे थे।
यात्रा के शुरुआती दौर से जुड़ने वाले संजय यादव का कहना है कि यह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाला देश का सबसे अनूठा आयोजन है। इसमें केवल वही लोग शामिल होते हैं, जो नर्मदा में हमेशा तैराकी का अभ्यास करते हैं। जबलपुर तैराकी संघ के लोग भी शामिल हैं. इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में दूसरे घाटों पर नर्मदा में तैराकी सीखने वाले युवक-युवतियां भी इस यात्रा में शामिल होने के लिए आते हैं। इस यात्रा में शामिल होने वाले सभी लोग अच्छे तैराक हैं. इसलिए दुर्घटना की कोई आशंका नहीं होती. लेकिन इसके बाद भी सुरक्षा का पूरा इंतजाम रखा जाता है।
नर्मदा तिरंगा यात्रा में सबको ध्यान आकर्षित करने वाले 6 साल की बच्ची ओजस्विनी मोथा भी अपने पिता और बड़ी बहन के साथ शामिल हुई। नर्मदा की तेज लहरों के बीच जब ओजस्विनी ने छलांग लगाई तो देखने वाले दंग रह गए। 6 साल की बच्ची ने सभी के साथ 10 किलोमीटर तक तैरकर यात्री पूरी की। बताया जाता है कि ओजस्विनी जब 6 महीने की थीं, तभी उनके पिता ने उन्हें नर्मदा के पानी में छोड़कर प्रैक्टिस देना शुरू कर दिए थे। 2022 में जब ओजस्विनी ने नर्मदा में तैराकी की थी, तब उनके साथ जबलपुर के तात्कालीन कलेक्टर डॉक्टर इलैया राजा टी भी थे। ओजस्विनी के पिता विनोद मोथा अपनी दोनों बेटियों को तैराना सिखाया है।